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पूजा ढांडा और सोनिया लाठर को मिला अर्जुन अवॉर्ड, हर मां-बाप को पढ़नी चाहिए ये प्रेरक कहानी

Fri, 30 Aug 2019 01:41 AM IST
रोहतक ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जींद (हरियाणा)
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- फोटो : अमर उजाला
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बॉक्सर सोनिया लाठर ने कहा कि सरकार ने उन्हें अर्जुन अवॉर्ड देकर जो सम्मान दिया है, उसे वह कभी भी नहीं भूला पाएगी। उनका दावा कि है वह ओलंपिक में गोल्ड मेडल जीतकर इस सम्मान का कर्ज चुकता करेंगी। इसके लिए वह दिल्ली में अपने कोच अनूप की देखरेख में मुक्केबाजी के पंचों को धार देने में जुटी हुई हैं।

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जुलाना राजकीय स्कूल में 12वीं तक पढ़ी-लिखी सोनिया ने 18 वर्ष की उम्र में मुक्केबाजी के रिंग में खेलना शुरू किया। इसके बाद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी गोल्ड मेडल भी जीता। फिलहाल 58 किलोग्राम भार वर्ग में उनका लक्ष्य ओलंपिक गोल्ड मेडल जीत देश का नाम रोशन करना है।

अब डाबला गांव के युवा पहलवानों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चमकाएंगे मनोज
डाबला गांव के पहलवान मनोज धनखड़ जिले में मेजर ध्यानचंद अवॉर्ड प्राप्त करने वाले पहलवान हैं। मनोज ने बताया कि 10 साल की उम्र में ही पहलवानी के दांव-पेच गांव में ही सीखने शुरू कर दिए थे। 12 साल की उम्र में उसका चयन साई में हो गया था।

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वह 2010 कॉमनवेल्थ गेम्स में गोल्ड जीतकर अंतरराष्ट्रीय पटल चमके थे। अवॉर्ड पाने के बाद इनकम टैक्स विभाग में बतौर ऑफिसर कार्यरत मनोज ने बताया कि गांव के युवाओं को कुश्ती के लिए तैयार कर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर गांव का नाम चमकाना ही उनका ध्येय है।

कोच पूजा ढांडा बोलीं- माता-पिता बेटियों पर विश्वास करें और आगे बढ़ने का अवसर दें
 राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद के हाथों वीरवार को अर्जुन अवार्ड पाने वाली पूजा ढांडा ने कहा कि आज उसकी बरसों की मेहनत सफल हुई है। आज यह पुरस्कार मिला तो पता चला कि मेहनत कभी बेकार नहीं जाती।

आज मैं देश के हर माता-पिता से से यही कहना चाहती हूं कि वह भी अपनी बेटियों पर विश्वास करें और उन्हें आगे बढ़ने के अवसर दें। फिर देखना उनकी बेटियां भी यह मुकाम हासिल करेंगी। जीएलएफ कॉलोनी में परिवार के साथ रहने वाली पूजा ढांडा खेल विभाग में कोच के पद पर कार्यरत हैं।
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