फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Jind: सोनाली फोगाट की बहन रुकेश ने मंच से मांगी खापों से माफी, कहा बहन की कहीं बातों का खेद है

Wed, 05 Oct 2022 01:41 AM IST
भूपेंद्र सिंह संवाद न्यूज एजेंसी, जींद (हरियाणा)

सार

आदमपुर उपचुनाव को लेकर रुकेश ढाका ने कहा कि इस बारे में परिवार में मंथन चल रहा है। परिवार के लोग उनको ही आदमपुर विधानसभा से उम्मीदवार बनाना चाहते हैं।
विज्ञापन
सोनाली फोगाट की बहन रुकेश ढाका। अमन पूनिया। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

हरियाणा के जींद में जाट धर्मशाला में मंगलवार को हुई खापों की महापंचायत में सोनाली फोगाट की बहन रुकेश ढाका ने पहुंचकर मंच से खापों और किसानों से माफी मांगी। रुकेश ने कहा कि उनकी बड़ी बहन ने किसान आंदोलन के दौरान कुछ गलत शब्द किसानों व खापों के खिलाफ बोले थे। उन शब्दों के लिए उनका परिवार माफी मांगता है।

विज्ञापन


उनकी बहन की आत्मा की शांति के लिए वह खापों से अपील करती है कि वह उनकी बहन को माफ करें। रुकेश  ने कहा कि उनकी बहन को इंसाफ दिलाने के लिए खापों ने उनकी बहुत मदद की है। खापों के दम के कारण ही सोनाली हत्याकांड की जांच अब सीबीआई कर रही है। उन्हें उम्मीद है कि सीबीआई इस पूरे मामले में पर्दा उठाएगी कि इसमें सुधीर सागवान ने किसके इशारे पर इतने बड़े हत्याकांड को अंजाम दिया है।
 

यह भी पढ़ें : Haryana: हिंदू विवाह अधिनियम में संशोधन की मांग को लेकर खापों ने भरी हुंकार, 20 सदस्यों की कमेटी बनाई

विज्ञापन

आदमपुर उपचुनाव को लेकर रुकेश ढाका ने कहा कि इस बारे में परिवार में मंथन चल रहा है। परिवार के लोग उनको ही आदमपुर विधानसभा से उम्मीदवार बनाना चाहते हैं। इसके बारे में खापों से भी बातचीत चल रही है। अभी तक किसी भी पार्टी ने उनसे संपर्क नहीं किया है। लोग चाहते हैं कि सोनाली फोगाट के परिवार का कोई सदस्य चुनाव लड़े। इसलिए लोगों की भावनाओं की कद्र की जाएगी।
विज्ञापन


मुख्यमंत्री के न आने का दुख : अमन पूनिया
जींद। जाट धर्मशाला में खापों की महापंचायत में पहुंचे सोनाली फोगाट के जीजा अमन पूनिया ने कहा कि सोनाली की हत्या के बाद एक बार भी मुख्यमंत्री मनोहरलाल उनके परिवार के पास दुख व्यक्त करने नहीं पहुंचे। इसका उन्हें गहरा दुख है। सोनाली ने आदमपुर विधानसभा से भाजपा की टिकट पर चुनाव लड़ा था और तीन साल तक एक कर्मठ कार्यकर्ता की तरह आदमपुर में काम किया था। मुख्यमंत्री को उनकी मौत पर दुख प्रकट करने के लिए आना चाहिए था। मुख्यमंत्री पिछले दिनों राखीगढ़ गांव में आए लेकिन सोनाली की बेटी के पास नहीं पहुंचे। इससे साफ है कि भाजपा सोनाली की मौत से दुखी नहीं है।

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें