खापों की महापंचायत में भाग लेते विभिन्न खापों से आए लोग।
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वैसे तो खाप पंचायतें आपसी भाईचारा मजबूत करने के लिए होती हैं लेकिन जींद में खाप चौधरी अपनी ताकत दिखाने में लगे हुए हैं। एक गुट ने खापों की महापंचायत मंगलवार को करके अपनी ताकत दिखाई, अब दूसरा गुट आठ अक्तूबर को जींद की ही जाट धर्मशाला में महापंचायत करने जा रहा है।
जींद में जब भी खापों की महापंचायत होती है तो एक का नेतृत्व सर्वजातीय सर्वखाप के राष्ट्रीय संयोजक टेकराम कंडेला करते हैं जबकि दूसरे गुट का नेतृत्व सर्वजातीय सर्वखाप के राष्ट्रीय प्रवक्ता सूबे सिंह समैण । हालांकि पांच वर्ष पहले सूबे सिंह समैण को फतेहाबाद के कन्हड़ी में हुई महापंचायत में राष्ट्रीय प्रवक्ता पद से हटाने का ऐलान किया था लेकिन अभी भी वह अपने आपको प्रवक्ता बता रहे हैं।
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खापों का कोई रजिस्टर्ड इतिहास नहीं होता। इसलिए एक बार प्रधान या अन्य कोई पद मिलने के बाद इनको हटाने के बाद भी यह लोग अपने आपको इसी पद पर बताते हैं। इसी प्रकार टेकराम कंडेला भी राष्ट्रीय संयोजक के पद पर जमे हुए हैं। टेकराम कंडेला गुट ने हिंदू विवाह अधिनियम में संशोधन को लेकर प्रस्ताव पास करवाए हैं, जबकि आठ अक्तूबर को सूबे सिंह समैण गुट छेड़छाड़, दुष्कर्म, दहेज हत्या, एससी/एसटी के झूठे मुकदमों को दर्ज करवाने के लिए प्रस्ताव पारित कराने की बात कह रहे हैं।
सूबे सिंह समैण का कहना है कि काफी लोग झूठे मुकदमे दर्ज करवा देते हैं। यदि कोई सच्चा मामला है तो उसे दर्ज करवाया जाना चाहिए। वह भी एक गांव तथा एक गोत्र में शादी का विरोध करेंगे। सूबे सिंह समैण का कहना है कि टेकराम कंडेला ने जो महापंचायत की है, उसमें किसी भी खाप या तपा के प्रधान ने भाग नहीं लिया। वहीं टेकराम कंडेला का दावा कि मंगलवार को हुई महापंचायत में 150 खापों व तपों के प्रधानों ने भाग लिया।