जींद। समाज कल्याण विभाग के दफ्तर में इन दिनों बुढ़ापा पेंशन कटने से परेशान बुजुर्गों की भीड़ लगी हुई है। बताया जा रहा है, किसी को आयकरदाता बताकर तो किसी की उम्र कम बताकर बुढ़ापा पेंशन बंद कर दी गई है। बुजुर्ग कार्यालय पहुंचकर जब पूछताछ करते हैं तो उन्हें ठीक जानकारी भी नहीं दी जाती है।
जिले के तेलीखेड़ा के रहने वाले बुजुर्ग राज ने बताया कि उनकी बुढ़ापा पेंशन बंद कर दी गई है। वे रोज कार्यालय के चक्कर काट रहे हैं लेकिन उन्हें संतोषजनक जवाब नहीं मिल रहा। अधिकारी कहते हैं, फैमिली आईडी में उम्र और आमदनी गड़बड़ है। उसकी जांच करवाकर पहले ठीक कराओ, तभी पेंशन चालू होगी।
राज कहते हैं, इतने सालों से तो पेंशन आ रही थी। अब अचानक ऐसा क्या हो गया कि उनकी पेंशन बंद कर दी गई है। मेरी फैमिली आईडी में अब गड़बड़ी कैसे हो गई।
मुआना गांव के रामदिया कहते हैं, सरकार की ओर से लगाए मेडिकल शिविर में जांच कराकर उन्होंने आयु प्रमाण पत्र जमा करवाए थे। नियमानुसार पेंशन आ रही थी लेकिन कुछ समय से पेंशन बंद कर दी गई है। वे कहते हैं, यह सीधे तौर पर विभाग की नाकामी और सिस्टम की अविश्वसनीयता है। मेडिकल प्रमाणों के बावजूद पेंशन रोकना बुजुर्गों के साथ अन्याय से कम नहीं है।
क्या कहते हैं पीड़ित-
न तो मेरे पास कोई स्थाई आय है। न ही किसी तरह का रोजगार। इसके बावजूद मुझे आय करदाता बताया जा रहा है। जब मैं इस गलती को सुधारने विभाग जाता हूं तो फैमिली आईडी का हवाला देकर इसे ठीक करने के लिए कहा जा रहा है।
- राज, पेंशनभोगी तेलीखेड़ा।
मुझे तो सिस्टम की खामियों का खामियाजा भुगतना पड़ रहा है। सरकार जहां एक ओर बुजुर्गों के सम्मान और सुरक्षा की बात करती है। वहीं जमीनी स्तर पर सरकार की कार्यशैली उन दावों की पोल खोल रही है। विभाग को बताना चाहिए कि बुजुर्ग की पेंशन किस कारण से रोकी गई है।
-रामदिया, पेंशनभोगी मुआना।
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जिले में बुजुर्गों की किसी एक कारण से पेंशन नहीं रुकी है। किसी की फैमिली आईडी में आमदनी अधिक है तो आधार, आयु प्रमाण पत्र में गड़बड़ियां हैं। यह जिलास्तर पर नहीं बल्कि पोर्टल से रुकी है। जिले में कितने बुजुर्गों की पेंशन रुकी है। इसका विभाग के पास कोई डाटा नहीं है। पेंशनधारकों को कार्यालय से पीपीपी में आयु, आमदनी समेत अन्य डाटा अपडेट की जानकारी दी जा रही है।
-सरफराज खान, जिला समाज कल्याण अधिकारी जींद।
30जेएनडी15: समाज कल्याण विभाग कार्यालय में रुकी हुई पेंशन के बारे में जानकारी लेने आए बुजुर्ग।