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प्राचीनकाल से ही मकर संक्राति का पर्व गो-पूजा के लिए प्रसिद्ध : यज्ञ मुनि

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14जेएनडी19: कार्यक्रम में प्रबुद्धजनों को सम्मानित करते यज्ञ मुनि। संवाद - फोटो : तिरंगा मैदान में लहराता 110 फिट ऊंचा राष्ट्र ध्वज।
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पिल्लूखेड़ा। राष्ट्रीय गोशाला धड़ौली में मकर संक्रांति के पावन अवसर पर वार्षिकोत्सव धूमधाम से मनाया गया। कार्यक्रम में स्वामी वेदरक्षानंद, गुरुकुल झज्जर से आचार्य विजयपाल, स्वामी नित्यानंद, आचार्य राजेंद्र, आचार्य प्रबुद्धदेव, आचार्य भीमदेव, कर्णदेव शास्त्री, भजनोपदेशक अभिषेक आर्य, साधु संतों और अतिथियों की उपस्थिति में महासम्मेलन का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में आर्य समाज से जुड़े प्रदेश के साथ-साथ अन्य राज्यों से भी आर्य समाज के लोगों ने भाग लिया। कार्यक्रम गोशाला के प्रधान यज्ञ मुनि वानप्रस्थ व कार्यकारिणी के सदस्यों की अध्यक्षता में संपन्न हुआ। कार्यक्रम में आस-पास के गोभक्तों व दानी सज्जनों ने बढ़ चढ़कर भाग लिया। राष्ट्रीय गोशाला में भंडारे का कार्यक्रम भी किया गया।
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यज्ञ मुनि ने बताया कि मकर सक्रांति के अवसर पर आचार्य बलदेव के समय से ही वार्षिकोत्सव कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि आचार्य बलदेव के कर कमलों से ही गोशाला धड़ौली की शुरुआत की गई थी। आचार्य के आदेशानुसार हर वर्ष इस कार्यक्रम का आयोजन लगातार किया जा रहा है। मंगलवार को गोशाला में गोवंश की पूजा अर्चना भी की गई। उन्होंने बताया कि प्राचीनकाल से ही मकर संक्राति का पर्व गो पूजा के लिए प्रसिद्ध है। गोमाता की सेवा करके सबको पुण्य का भागीदार बनना चाहिए। कार्यक्रम में मा. जगदीश कालवा, सुरेश शास्त्री, वेदपाल वकील, मा. सतबीर अत्री, रामकुमार व रामनिवास जामनी का विशेष सहयोग रहा।

14जेएनडी19: कार्यक्रम में प्रबुद्धजनों को सम्मानित करते यज्ञ मुनि। संवाद- फोटो : तिरंगा मैदान में लहराता 110 फिट ऊंचा राष्ट्र ध्वज।

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