जींद। आत्मनिर्भर बनने की चाह और कुछ अलग करने के जज्बे ने शहर की सिमरन बत्रा को नई पहचान दिलाई है। सिमरन बत्रा ने घर से ही केक बनाने का काम शुरू किया और आज उनके बनाए केक शादी समारोह, जन्मदिन, शादी की वर्षगांठ सहित विभिन्न आयोजनों की शान बन रहे हैं।
सिमरन बताती हैं कि उन्हें बचपन से कुकिंग का शौक था। वह केक तैयार करती रहती थीं। दो साल पहले उनकी दोस्त की मां का जन्मदिन था। उन्होंने अपने हाथ का बना केक भिजवाया था। दोस्त ने केक के फोटो सोशल मीडिया पर वायरल कर दिए थे। इसके बाद उनके पास ऑर्डर आने लगे।
अब उन्हें बेहतर क्वालिटी और आकर्षक डिजाइन के चलते उन्हें लगातार ऑर्डर मिल रहे हैं। वह प्रतिदिन तीन से चार केक के ऑर्डर तैयार कर रही हैं। खास बात यह है कि 500 से 1500 रुपये तक के केक की मांग सबसे अधिक है।
ग्राहकों की पसंद के अनुसार, वह कस्टमाइज्ड केक तैयार करती हैं जिनमें फोटो केक, थीम बेस्ड केक और फोंडेंट केक शामिल हैं। स्वाद और शुद्धता का विशेष ध्यान रखने के कारण उनका ग्राहक वर्ग लगातार बढ़ रहा है।
केक के अलावा वह घर पर ही वफल और जालीदार कुरकुरे भी तैयार कर रही हैं। वह अपने उत्पादों का प्रचार-प्रसार इंस्टाग्राम आईडी के माध्यम से करती हैं। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर उनकी सक्रियता के चलते उन्हें ऑनलाइन भी ऑर्डर मिल रहे हैं।
सिमरन बत्रा का कहना है कि शुरुआत में ऑर्डर कम थे लेकिन गुणवत्ता और समय पर डिलीवरी ने उन्हें पहचान दिलाई। आज वह अपने काम से न केवल आत्मनिर्भर बनी हैं बल्कि परिवार के खर्च में भी सहयोग कर रही हैं। उनका सपना है कि भविष्य में वह अपने इस काम को बड़े स्तर पर ले जाएं और अधिक युवाओं, विशेषकर महिलाओं को स्वरोजगार के लिए प्रेरित करें।
नौकरी नहीं, स्वरोजगार को चुना
शिक्षा के क्षेत्र में भी सिमरन बत्रा ने उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की है। वह बीए अंग्रेजी ऑनर्स में जिला टॉपर रह चुकी हैं। इसके बाद उन्होंने एमए और बीएड तक की पढ़ाई पूरी की। पढ़ाई के दौरान ही उनके मन में खुद का व्यवसाय शुरू करने का विचार आया था। नौकरी करने के बजाय उन्होंने स्वरोजगार को चुना और अपने हुनर को ही अपनी पहचान बना लिया।