नरवाना। श्री रामा भारतीय कला केंद्र की ओर से पुरानी अनाज मंडी में करवाए जा रहे रामलीला मंचन में रविवार रात दर्शकों ने उस प्रसंग का सजीव चित्रण देखा जिसमें रावण की बहन शूर्पणखा विवाह प्रस्ताव लेकर भगवान राम और लक्ष्मण के पास पहुंचती है।
इस मंचन में पंचवटी, रावण दरबार, राक्षसों की मस्तियां और लक्ष्मण-सीता संवाद के दृश्य दिखाए गए। हजारों की संख्या में दर्शकों ने जयकारों के बीच प्रस्तुति का आनंद लिया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में समाजसेवी तेजवंत राय गोयल और सुरेंद्र बंसल तारखां हैदराबाद पहुंचे।
मंच संचालन शैलेंद्र मोहन गर्ग ने किया।मंचन में दिखाया गया कि भगवान राम, सीता और लक्ष्मण पंचवटी में विश्राम कर रहे हैं। तभी रावण की बहन शूर्पणखा सुंदर रूप धारण कर वहां आती है और भगवान राम को विवाह का प्रस्ताव देती है।
भगवान राम उसके प्रस्ताव को अस्वीकार कर कहते हैं कि वे अपनी अर्धांगिनी सीता के साथ आए हैं। राम मजाक में उसे लक्ष्मण के पास भेज देते हैं। शूर्पणखा लक्ष्मण को रिझाने का प्रयास करती है, लेकिन लक्ष्मण उसके प्रस्ताव को ठुकरा देते हैं।
इसी बीच दोनों के बीच तीखे संवाद होते हैं। लक्ष्मण, शूर्पणखा के सामने ही उसके भाई रावण का अपमान करते हैं। गुस्से में आगबबूला हुई शूर्पणखा धमकी देती है कि वह लक्ष्मण को जिंदा नहीं छोड़ेगी। इस पर लक्ष्मण तलवार निकालकर उसकी नाक काट देते हैं।
नाक कटवाकर शूर्पणखा खर-दूषण के पास पहुंचती है और राम-लक्ष्मण के खिलाफ युद्ध का ऐलान कराती है। लेकिन भगवान राम युद्ध में खर-दूषण का वध कर देते हैं। आगे के दृश्य में शूर्पणखा रोते-रोते रावण दरबार पहुंचती है और सारी घटना सुनाती है। रावण मन ही मन सोचता है कि शायद राम के साथ युद्ध ही उसके जीवन का उद्देश्य है। अंत में लक्ष्मण और सीता का संवाद और लक्ष्मण रेखा का दृश्य भी मंचित किया गया।
मंचन के दौरान हंसराज समैण, ईश्वर गोयल, असीम राणा, शंकर वधवा, संजय रोहिल्ला, मंजीत गौरा, श्याम लाल धीमान, जय भगवान, जयपाल पेंटर, सुरेंद्र पेंटर, शिवकरण, बलदेव, सुदेश और अरविंद गर्ग मौजूद रहे।
–इन कलाकारों ने निभाए यह किरदार
रामलीला में अमन वर्मा ने राम, रामप्रकाश ने लक्ष्मण, प्रिंस धीमान ने सीता, हिमांशु गोयल ने शूर्पणखा, रामदास ने खर, नरेंद्र कुकरेजा ने रावण और वेद अरोड़ा जैन ने मारीच की भूमिका निभाई।
–रामलीला मंचन की झलकियां
.शूर्पणखा ने राम को शादी का प्रस्ताव दिया
.लक्ष्मण ने नाक काटकर किया अपमान
.खर-दूषण युद्ध में हुए परास्त
.रावण दरबार में शूर्पणखा ने सुनाई आपबीती
.लक्ष्मण रेखा का दृश्य देख भावुक हुए दर्शक
28जेएनडी22 : रावण महल में अपनी व्यथा बताती शूर्पनखां। स्रोत आयोजक।