जींद। जिला परिवेदना समिति की बैठक सोमवार को डीआरडीए के सभागार में हुई। बैठक की अध्यक्षता शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा ने की। इसमें कुल 18 शिकायतें रखी गई। इसमें चार का निपटान हुआ व 14 को अगली बैठक के लिए लंबित रखा गया। इन शिकायतों में बहुत पुराने मामले हैं व लंबे समय से विवाद चल हुए हैं। इसमें मंत्री ने किसान को भैंस के लिए लोन नहीं दिए जाने पर आईडीबीआई बैंक के कर्मियों पर एफआईआर दर्ज करने के निर्देश दिए। इसके अलावा सिंचाई विभाग के अधिकारियों पर सही कार्रवाई नहीं करने पर फटकार लगाई। उन्होंने सीआरएसयू के रिक्त पड़े कुलपति के पद को जल्द भरने की बात कही है।
शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा ने बैठक के बाद पत्रकारों से बातचीत में कहा कि प्रदेशभर के स्कूलों में हर जिला में डीसी, एसपी, एसडीएम और डीएसपी को हर महीने राउंड लेने के लिए कहा गया है। इससे स्कूलों की मूलभूत समस्याओं का पता चल सके व शिक्षा का स्ट्रक्चर गति पकड़े। चाहे ढांचागत समस्या हो या जिस भी तरह की समस्या हो उसका पता चलकर उसे तुरंत प्रभाव से दूर करवाया जाएगा। समय पर स्कूलों में किताबों के न भेजने के संबंध में पूछे गए सवाल पर मंत्री महिपाल ढांडा ने कहा कि सभी स्कूलों में किताबें समय पर भेज दी गई हैं। इसके अलावा अन्य जो भी कार्य समय पर होना है, वह सब समय पर हो रहा है।
शिक्षा मंत्री ने कहा कि हरियाणा नई शिक्षा नीति लागू करने वाला पहला राज्य बना है। हरियाणा कौशल रोजगार निगम में हटाए गए कर्मचारियों के संबंध में सवाल पूछने पर बताया कि हरियाणा कौशल रोजगार निगम एक वर्ष के लिए नियुक्ति देता है। उनको हटाया नहीं गया है। उनका समय समाप्त हो गया है। प्रदेशभर में अबकी बार स्कूलों में छात्रों की संख्या बढ़़ी है और अभी तक तो दाखिले शुरू हैं। शिक्षा मंत्री ने कहा कि पहले होता यह था कि सेशन के मध्य तक किताबें स्कूलों में नहीं पहुंच पाती थी, लेकिन इस बार सरकार ने सत्र शुरू होने से पहले ही स्कूलों में किताबों का पहुंचना सुनिश्चित किया है। स्कूलों में किताबें पहुंच चुकी हैं और वह बच्चों को दे दी गई हैं। इस मौके पर उचाना के विधायक देवेंद्र अत्री, डीसी मोहम्मद इमरान रजा, पुलिस अधीक्षक कुलदीप सिंह, डीसी विवेक आर्य, एएसपी सोनाक्षी सिंह मौजूद रहे।
स्कूलों में बच्चों को दी जा रही गुणवत्तापूरक शिक्षा व मूलभूत सुविधाओं की करें जांच
हरियाणा के शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा ने कहा कि जिला के सभी उच्च अधिकारी प्रतिमाह कम से कम चार स्कूलों का निरीक्षण कर वहां बच्चों को दी जा रही गुणवत्तापूरक शिक्षा व उनकी मूलभूत सुविधाओं की जांच करें। अगर किसी स्कूल में कोई कमी आंकी जाती है तो उसको पूरा करवाएं, ताकि शिक्षा स्तर और अधिक मजबूत हो सके।
इन चार शिकायतों का हुआ निपटान
परिवेदना समिति की बैठक में गांव उझाना की नीलम ने श्रम विभाग में मजदूरी कॉपी बनवाने को लेकर, कलोदा कलां के कुलदीप सिंह ने फसल के पैसे की अदायगी करवाने बारे, उचाना कलां के जगबीर ने गली में से अवैध अतिक्रमण हटाने व बरवाला के प्रवीण कुमार ने निराश्रित महिला पेंशन को लेकर शिकायत दी थी। इन सभी चारों शिकायतों का मौके पर ही निपटारा कर दिया गया।
बैठक में मंत्री के सामने शास्त्री नगर निवासी विजय कुमार की ओर से सहायक कल्याण अधिकारी कार्यालय से ली गई कन्यादान योजना के बारे में अपनी शिकायत शिक्षा मंत्री के सामने रखी। शिक्षा मंत्री महीपाल ढांडा ने इस पर कार्रवाई करते हुए संबंधित अधिकारियों के साथ जिला कष्ट निवारण समिति के दो सदस्यों की डयूटी लगाई गई। सुंदर नगर निवासी रामरानी, सुरेंद्र फतेहसिंह, आकाश की ओर से रखी गई शिकायत में कहा कि नरवाना रोड पर एक निजी होटल में व्यापार व कानूनी की आड़ में वैश्यावृत्ति के धंधे को बढ़ावा दिया जा रहा है, जिस पर संज्ञान लेते हुए शिक्षा मंत्री ने एएसपी की ड्यूटी लगाई कि वह इस मामले की पूरी जांच पड़ताल कर रिपोर्ट देना सुनिश्चित करें।
गांव बहबलपुर की ग्राम पंचायत की ओर से मंत्री के सामने शिकायत रखी गई कि रामकली माइनर का टेल तक पानी नहीं पहुंच रहा है। इससे खेतों की सिंचाई करने में ग्रामीणों को बाधा उत्पन्न हो रही है। इस पर संज्ञान लेते हुए उन्होंने सिंचाई विभाग के अधिकारियों को कहा कि रामकली माइनर की टेल तक हर हाल में किसानों के खेतों में पानी पहुंचाना सुनिश्चित करें इसके लिए टेल से पहले लगाए गए मोगा (पाइप) को नियमानुसार लगवाया जाए। माइनर की लेवलिंग व अन्य जरूरी कार्यों को दुरुस्त किया जाए। जींद की शिवपुरी कॉलोनी निवासी काजल ने शिकायत रखी कि उनके पति ने फाइनेंसरों के दबाव में आकर सुसाइड कर लिया था। सुसाइड नोट पुलिस प्रशासन को दिया जा चुका है, इस मामले में अभी तक पुलिस विभाग की ओर से उचित कार्रवाई नहीं की गई है, जिस पर शिक्षा मंत्री ने संज्ञान लेते हुए मामले की जांच के लिए एएसपी व कष्ट निवारण समिति के दो सदस्यों की ड्यूटी लगाई गई। मुआना गांव के कृष्ण कुमार ने मेरी फसल-मेरा ब्योरा पोर्टल पर फसल का पंजीकरण कराया गया था लेकिन विभाग की ओर से उस पंजीकरण पर किन्हीं अन्य व्यक्तियों की फसल को बेचा गया, जिसके कारण उसे फसल बेचने में परेशानी का सामना करना पड़ा और राज्य सरकार की ओर से कृषि यंत्रों पर किसानों को दी जाने वाली सब्सिडी का फायदा नहीं मिल सका। इस पर शिक्षा मंत्री ने एडीसी को जांच करने के निर्देश दिए।