जींद। जनवादी लेखक संघ की ओर से मंगलवार को अक्षर भवन में धर्म बनाम सांप्रदायिकता विषय पर विचार गोष्ठी का आयोजन किया गया। गोष्ठी में मुख्य वक्ता के तौर पर डाॅ. कपिल भारद्वाज ने शिरकत की। अध्यक्षता बालरोग विशेषज्ञ डाॅ. सुरेश कुमार जैन ने की। संचालन सामाजिक सद्भावना मंच के संयोजक रामफल दहिया ने किया।
डॉ. कपिल ने कहा कि सांप्रदायिकता एक राजनैतिक विचारधारा है, इसका धर्म के नाम पर पूंजी और सत्ता के गठजोड़ द्वारा हथियार के रूप में प्रयोग किया जाता है। उन्होंने कहा कि धर्म आस्था और विश्वास का मसला है जबकि सांप्रदायिकता हमेशा दंगा-फसाद की जननी होती है। रामफल दहिया ने कहा कि अपने धर्म को अच्छा कहना और दूसरे को ओच्छा बताना ही सांप्रदायिकता का लक्षण है। इस अवसर पर जनवादी लेखक संघ के जिला सचिव मंगतराम शास्त्री, सुधीर कुमार, तिलकराज मिगलानी, पूजन आर्य, विक्रम राही, प्रवेश कुमार मौजूद रहे।