जींद। जिला संगठन आयुक्त राजेश वशिष्ठ ने कहा कि स्काउटिंग केवल एक गतिविधि नहीं, बल्कि जीवन जीने की एक पद्धति है। स्काउट प्रतिदिन एक भलाई का कार्य करते हैं जिससे समाज में सकारात्मक परिवर्तन आता है।
स्काउट स्थापना दिवस पर शहर के एक निजी स्कूल में शुक्रवार को स्काउट डे मनाया गया। इस अवसर पर कब, बुलबुल, स्काउट और गाइड बच्चों ने स्काउट आंदोलन के संस्थापक लॉर्ड बेडन पावेल को श्रद्धांजलि अर्पित की।
बच्चों ने पुष्पांजलि देकर उनके आदर्शों को याद किया और विभिन्न सांस्कृतिक व सामाजिक गतिविधियों के माध्यम से सच्चे स्काउट होने का परिचय दिया। कार्यक्रम की शुरुआत स्काउट प्रार्थना और ध्वजारोहण के साथ हुई।
उन्होंने कहा कि स्काउटिंग बच्चों में अनुशासन, नैतिकता, सेवा भावना, पर्यावरण संरक्षण और देशभक्ति की भावना विकसित करती है।जिला संगठन आयुक्त उषा गुप्ता ने कहा कि स्काउटिंग और गाइडिंग गतिविधियां लड़कियों को आत्मनिर्भर, आत्मविश्वासी और जिम्मेदार बनाती हैं।
इन गतिविधियों के माध्यम से लड़कियां आत्मरक्षा, स्वाभिमान और नेतृत्व के गुण सीखती हैं। उन्होंने बताया कि जिला जींद की कई गाइड छात्राएं राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन कर चुकी हैं।
कार्यक्रम में बच्चों ने पेंटिंग प्रतियोगिता, भाषण प्रतियोगिता, समूह गान, समूह नृत्य और नशामुक्ति रैली जैसी विविध गतिविधियों में भाग लिया। नशामुक्ति रैली के माध्यम से बच्चों ने समाज को नशे से दूर रहने का संदेश दिया।