10जेएनडी10-जयंती देवी मंदिर में सजाया गया शिवलिंग। स्रोत श्रद्धालु
जींद। सावन माह की शुरूआत शुक्रवार से होने जा रही है। शिव भक्तों को भगवान शिव की पूजा के लिए विशेष प्रबंध किए गए हैं। श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए मंदिरों में स्वयंसेवकों की डयूटी लगा दी गई है। इसके अलावा बैरिकेडिंग भी कर दी गई है ताकि जल चढ़ाते हुए धक्का-मुक्की न हो। सावन का महीना 11 जुलाई से शुरू होकर 9 अगस्त तक रहेगा। इस दौरान शिवभक्तों को 4 सोमवार भी पूजा-अर्चना के लिए मिलेंगे।
वहीं सावन में इस बार दुर्लभ संयोग भी बन रहे हैं। सावन माह में शिव योग, प्रीति योग और आयुष्मान योग होने से श्रद्धालुओं के लिए होंगे। सावन माह का पहला सोमवार 14 जुलाई को होगा। इसके बाद 21 जुलाई को दूसरा सोमवार व्रत, 28 जुलाई को तीसरा सोमवार व्रत और चार अगस्त को चौथा सोमवार व्रत होगा।
नौ अगस्त को सावन माह संपन्न होगा। सावन माह में कावड़िये भी हरिद्वार का रुख करेंगे। कावड़ियों की सेवा के लिए जगह-जगह शिविर लगने शुरू हो जाएंगे। सफीदों रोड और गोहाना रोड पर ही अधिकतर श्रद्धालुओं की ओर से कांवड़िये के लिए सेवा शिविर लगाए जाते हैं। वहीं जयंती देवी मंदिर के पुजारी नवीन शास्त्री ने बताया कि धार्मिक मान्यताओं के अनुसार सावन माह में भगवान शिव की उपासना से विशेष लाभ मिलता है।
मंदिर परिसर में भगवान शिव के जलाभिषेक को लेकर सभी तैयारियां पूरी ली गई हें। भगवान शिव को भी सावन माह बेहद प्रिय है। सावन के दौरान शिवभक्त अपने आराध्य को प्रसन्न करने के लिए व्रत रखते हैं। कावड़ यात्रा करते हैं और साथ ही शिव के मंदिरों में पूजा करने भी जाते हैं।