जींद। राइट टू रिकाॅल और ई-टेंडरिंग के विरोध में सरपंचों और ब्लॉक समिति सदस्यों ने सोमवार को शहर में प्रदर्शन किया और रानी तालाब चौक पर मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री का पुतला फूंका। इस दौरान सरपंचों ने पंचायत मंत्री के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। 17 मार्च को विधानसभा घेराव की तैयारी करते हुए सरपंचों ने गावों में प्रचार अभियान शुरू कर दिया है। जिसके चलते सोमवार को पिंडारा, निर्जन, मनोहरपुर समेत कई गांवों का दौरा करते हुए सरपंचों ने पंचों, ब्लॉक समिति सदस्यों को न्यौता दिया।
सोमवार दोपहर को जींद ब्लॉक सरपंच एसोसिएशन की प्रधान प्रीति मनोहरपुर, विनोद, खरकरामजी सरपंच सुरेंद्र, पूर्व सरपंच कविता गोयत, प्रियंका, अनिल मांडो खेड़ी, रूपगढ़ के सरपंच दीपक, ब्लॉक समिति सदस्य प्रतिनिधि सतीश, सुनील, राकेश, निर्जन के सरपंच आजाद समेत उचाना समेत कई ब्लॉकों के प्रधान और अन्य सरपंच नेहरू पार्क में एकत्रित हुए। यहां सरकार के खिलाफ प्रदर्शन के बाद पुतला फूंका गया। जिसके बाद सरपंच विभिन्न गांवों में प्रचार के लिए चले गए।
जींद ब्लॉक सरपंच एसोसिएशन की प्रधान प्रीति मनोहरपुर, कविता, प्रियंका ने कहा कि 17 मार्च को चंडीगढ़ में विधानसभा घेराव किया जाएगा। पहले से भी ज्यादा संख्या में सरपंच इस बार जुटेंगे। प्रीति ने कहा कि सरकार अपनी हठधर्मिता नहीं छोड़ रही है तो सरपंच भी पीछे हटने वाले नहीं हैं। लाठीचार्ज कर सरपंचों की आवाज को दबाया नहीं जा सकता। वह पिछले एक महीने से भी ज्यादा समय से धरने पर बैठे हैं लेकिन सरकार उनकी मांगें मानने को तैयार नहीं है।
सीएम मनोहर लाल ने सरपंचों के साथ बैठक की लेकिन मुख्य मुद्दे ई-टेंडरिंग पर फोकस नहीं किया गया। अनिल मांडो खेड़ी और दीपक रूपगढ़ ने कहा कि सीएम ने बैठक के पहले चरण में सरपंचों की मांगों पर सहमति जता दी थी लेकिन बाद में अधिकारियों द्वारा सीएम को गुमराह करते हुए उन्हें भटकाने की कोशिश की गई है।जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होती तब तक आंदोलन जारी रहेगा।