फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Jind: आखिर गोसाई खेड़ा में सर्वसम्मति से सरपंच का फैसला, 60 वोटों वाले नेहरा परिवार के नाम पर बनी सहमति

Mon, 17 Oct 2022 11:12 PM IST
भूपेंद्र सिंह संवाद न्यूज एजेंसी, जींद (हरियाणा)

सार

गांव में कड़ी मशक्कत के बाद सर्वसम्मति की पहल सिरे चढ़ी। कभी सरपंच न बनने वाले नेहरा परिवार और पंडित परिवार के लिए पर्ची डाली गई थी। 1400 मतदाताओं वाले गांव में नेहरा परिवार का भाग्य तेज निकला।  
विज्ञापन
गांव में सर्वसम्मति बनाने के लिए हुई पंचायत में भाग लेते लोग। भावी सरपंच अमित कुमार। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

हरियाणा के जींद के जिस गोसाई खेड़ा गांव में रविवार दोपहर तक सर्वसम्मति नहीं बन पाई थी, उसमें शाम को लगातार बैठकों का दौर चला और सर्वसम्मति से सरपंच का फैसला हो गया। ग्रामीणों ने कहा कि नेहर परिवार व पंडित परिवार के लोग कभी सरपंच नहीं बने। इसलिए इन परिवारों को इस बार सरपंच का पद देना है।

विज्ञापन


बाद में दोनों परिवार के नाम लिखकर पर्ची डाली गई। इसमें नेहरा परिवार का भाग्य पंडित परिवार के भाग्य से तेज निकला। नेहरा परिवार से अमित कुमार का नाम फाइनल किया गया। अब सरपंच के लिए गांव में केवल अमित कुमार ही नामांकन करेगा। वहीं पंचायत ने पंचों पर भी सर्वसम्मति लगभग बना ली है।

यह भी पढ़ें : Jind: एक ही दिन में तीन गांवों में सर्वसम्मति से सरंपच व पंचों के नाम पर बनी सहमति, एक गांव में नहीं बनी बात
विज्ञापन


गांव गोसाई खेड़ा में लगभग 1400 मतदाता हैं। यहां पर सरपंच का पद इस बार सामान्य वर्ग के पुरुष के लिए आरक्षित है। गांव में नौ लोग सरपंच का नामांकन करने के लिए तैयार थे। दो दिन से लगातार गांव में पंचायतों का दौर चला ताकि सरपंच पद को लेकर सर्वसम्मति बने। रविवार को दोपहर बाद कोई बात नहीं बनी, लेकिन बुजुर्गों ने हिम्मत नहीं हारी।

शाम होते-होते गांव के लोगों ने फैसला किया कि गांव में आज तक कृष्णचंद पंडित व टेकराम नेहरा परिवार से कभी सरपंच नहीं बने। इसलिए इन दोनों परिवारों में से किसी एक परिवार से सरपंच चुनना चाहिए। पूर्व सरपंच रामकुमार ने कहा कि इस पर पूरे गांव में सहमति जता दी।

यह भी पढ़ें : फतेहाबाद: रिश्ते में नाबालिग भतीजी से दुष्कर्म के दोषी को 20 साल की कैद, जुर्माना भी लगाया

बाद में दोनों ही परिवारों का नाम लिखकर पर्ची डाली गई, जिसमें टेकराम नेहरा परिवार की पर्ची निकली। इसके बाद टेकराम नेहरा को यह अधिकार दिया गया कि वह अपने परिवार से किसी योग्य युवा को ढूंढकर उसका नामांकन करवाए। टेकराम नेहरा ने उनके परिवार के युवा अमित कुमार का नाम सुलझाया, जिसपर सभी ने हामी भर दी।

वहीं पंचों पर भी गांव में लगभग सहमति बन गई। रामकुमार ने बताया कि गांव में जो-जो लोग पंच के लिए नामांकन करेंगे, उन सभी में से एक-एक उम्मीदवार ही एक-एक वार्ड में रखा जाएगा। काफी नाम तो अभी से तय हो गए हैं, लेकिन जो बचे हुए हैं, उनपर भी फैसला बुधवार-वीरवार तक कर लिया जाएगा।
विज्ञापन


गोसाई खेड़ा निवासी 25 वर्षीय अमित कुमार 12वीं कक्षा पास है। वह फिलहाल अपना पैतृक खेतीबाड़ी का काम करता है। पिछले वर्ष ही अमित कुमार की शादी हुई है।

ग्रामीणों के फैसले ने कम वोट होने के बावजूद नेहरा परिवार को दिया मान-सम्मान
गोसाई खेड़ा के लोगों ने भाईचारे की एक अलग ही मिसाल कायम की है। जिस नेहरा परिवार से अमित का नाम सरपंच के लिए फाइनल किया गया है, उस परिवार की गांव में मात्र 60 वोट हैं। आजतक इस परिवार से कोई भी सरपंच नहीं चुना गया क्योंकि इनकी वोट बहुत कम हैं। ग्रामीणों के फैसले ने इस परिवार को मान-सम्मान देने का कार्य किया है।   

सर्वसम्मति से सरपंचों का चुनाव होना लोकतंत्र के लिए अच्छी बात है। किसी भी गांव से सरपंच के लिए दो लोग भी नामांकन करेंगे तो भी प्रशासन चुनाव करवाएगा। इसी प्रकार यदि पंच के लिए एक वार्ड से दो लोगों के नामांकन आए तो चुनाव होगा।  -डॉ. मनोज कुमार, जिला निर्वाचन अधिकारी।

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें