जींद। ग्रामीण सफाई कर्मचारियों की हड़ताल के चलते शहर में सफाई व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। कूड़े का उठान नहीं होने से शहर के मुख्य बाजारों और प्रमुख सड़कों के किनारे जगह-जगह कूड़े के ढेर लग गए हैं। हालात यह हैं कि शहर में छोटे-बड़े मिलाकर 70 से अधिक अस्थायी डंपिंग प्वाइंट बन गए हैं।
पहले से निर्धारित 10 डंपिंग प्वाइंटों पर कई-कई टन कूड़ा जमा है। इससे लोगों को आवागमन में परेशानी के साथ दुर्गंध का सामना करना पड़ रहा है। शहर में करीब 180 सफाई कर्मचारी हड़ताल पर हैं। इसके चलते सड़कों व बाजारों से कूड़े का उठान नहीं हो रहा है। सफाई कर्मचारियों ने हड़ताल को आगामी तीन दिन के लिए और बढ़ा दिया है।
ऐसे में आने वाले दिनों में कूड़े की मात्रा और बढ़ने की आशंका है। वर्तमान में शहर की सड़कों और खाली स्थानों के आसपास करीब 250 टन कूड़ा जमा होने का अनुमान है। सफाई कर्मचारी नगर परिषद कार्यालय में प्रधान बिजेंद्र कांगड़ा की अध्यक्षता में धरने पर बैठे हैं। कर्मचारियों का कहना है कि जब तक उनकी लंबित मांगों को लागू नहीं किया जाता, तब तक हड़ताल जारी रहेगी।
एक बार कूड़ा उठाने का प्रयास, विवाद के बाद रुकवाया काम
प्रशासन की ओर से कूड़े का उठान करवाने का एक बार प्रयास किया गया था। इस दौरान हड़ताल पर बैठे सफाई कर्मचारियों ने मौके पर पहुंचकर विवाद किया और कूड़े के उठान का काम रुकवा दिया। इसके बाद से प्रशासन की ओर से दोबारा बड़े स्तर पर कूड़ा उठाने की व्यवस्था नहीं हो सकी है। हड़ताल का सबसे ज्यादा असर शहर के व्यस्त क्षेत्रों में दिखाई दे रहा है। मुख्य बाजार, रोहतक रोड, गोहाना रोड, सफीदों रोड, डीआरडीए मार्केट, मेन बाजार और पालिका बाजार समेत कई स्थानों पर कूड़े के ढेर लगे हैं। कूड़ा सड़कों के किनारे फैलने से राहगीरों और दुकानदारों को परेशानी हो रही है। लगातार बढ़ते कूड़े के ढेर से संक्रमण और मच्छरों के पनपने का खतरा भी बढ़ गया है।
फोटो कैप्शन
19जेएनडी26: नगर परिषद कार्यालय में हड़ताल पर बैठे सफाई कर्मचारी। संवाद
19जेएनडी27: पुराने बस अड्डे के नजदीक लगा कूड़े का ढेर। संवाद
19जेएनडी26: नगर परिषद कार्यालय में हड़ताल पर बैठे सफाई कर्मचारी। संवाद