नंदू गैंग का सर्वेसर्वा और मास्टरमाइंड रोहतक निवासी अमन चिंटा ने ही पिंजौर के तिहरे हत्याकांड को अंजाम दिलाया था। गैंगस्टर कपिल सांगवान के कहने पर ही वह रंगदारी लेने, शूटरों की व्यवस्था करने और गैंग के सदस्यों तक रुपये पहुंचाने का काम करता है। यह खुलासा शूटरों और अन्य लोगों तक रुपये पहुंचाने वाले गैंग के सदस्यों रोहतक निवासी निखिल उर्फ नेटू और मनीष उर्फ काकू ने दी है। 11 जनवरी को पिंजौर के तिहरे हत्याकांड में आरोपी दोनों लोगों को पंचकूला सीआईए ने रोहतक से गिरफ्तार किया है। जांच अधिकारी के अनुसार दोनों के अकाउंट से 22 लाख रुपये की ट्रांजेक्शन हुई है। दोनों आरोपियों के निशानदेही पर ही क्राइम ब्रांच अमन चिंटा को गिरफ्तार करने के लिए जगह-जगह दबिश दे रही है। जांच अधिकारी के अनुसार अमन चिंटा, निखिल उर्फ नेटू और मनीष उर्फ काकू आपस में चचेरे भाई हैं। गिरफ्तार दोनों लोगों ने ही ट्रिपल मर्डर के शूटरों की सारी व्यवस्था की थी। संवाद
कपिल सांगवान का गैंग संभालता है चिंटा
पुलिस के अनुसार नंदू गैंग को रोहतक निवासी चिंटा ही संभालता है। गैंग के मुखिया कपिल सांगवान उर्फ नंदू के कहने पर ही वह वारदात को अंजाम देने की व्यवस्था करता है। वह गैंग के सभी लोगों पर नजर रखता है। इसके अलावा शूटर, रेकी करने वाले, रुपये पहुंचाने वाले को कितने रुपये कहां देने हैं, यह भी चिंटा ही तय करता है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक नंदू गैंग का मास्टरमाइंड अमन चिंटा ही रंगदारी से मिलने वाले रुपये का हिसाब रखता है। इस सबकी जानकारी वह मुखिया कपिल सांगवान को देता रहता है। वहां से फाइनल होने पर गैंग के सदस्यों से शूटरों तक रुपये पहुंचता है। वारदात को अंजाम देने से पहले गैंग के सभी लोग मास्टरमाइंड के टच में रहते हैं।