जींद बस स्टैंड परिसर में खड़ीं बसें। संवाद
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संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर 26 मार्च को किए गए भारत बंद के चलते जींद रोडवेज डिपो को साढ़े आठ लाख रुपये से अधिक का नुकसान हुआ है। वहीं जींद डिपो की बसें अन्य दिनों के मुकाबले करीब 30 हजार किलोमीटर कम चलीं।
किसानों के समर्थन में शुक्रवार को जिले में 38 जगहों पर सड़कें जाम की थीं। सुरक्षा की दृष्टि से शुक्रवार को डिपो की बसों का परिचालन बंद रखा गया था। अल सुबह कुछ रूट पर ही बसें निकल पीई थीं, जो बाद में जाम में फंस गईं। शाम छह बजे के बाद जाम खुलने के बाद बसों का परिचालन सुचारु रूप से शुरू हुआ। हालांकि शुक्रवार को बस स्टैंड परिसर में यात्रियों की संख्या भी काफी कम रही। जो यात्री बस स्टैंड परिसर में आए थे उन्हें वापस भेज दिया गया। शुक्रवार को बसों का परिचालन नहीं होने के कारण डिपो को काफी नुकसान हुआ। आमतौर पर जींद डिपो की 165 बस रूट पर रहती हैं, जो दिनभर में साढ़े 39 हजार किलोमीटर से अधिक दूरी तय करती है और आमदनी के तौर पर दिनभर में साढ़े 11 लाख रुपये से अधिक का राजस्व जमा होता है। शुक्रवार को डिपो की बस केवल साढ़े नौ हजार किलोमीटर ही चल पाई और आमदनी के तौर पर डिपो में शुक्रवार को केवल दो लाख 80 हजार रुपये की राशि जमा हो पाई। इस प्रकार अन्य दिनों की अपेक्षा जींद डिपो की बस शुक्रवार को 30 हजार किलोमीटर कम चली और अन्य दिनों की अपेक्षा डिपो शुक्रवार को साढ़े आठ लाख रुपये का नुकसान हुआ।
यात्रियों की सुरक्षा सर्वोपरि
कर्मचारियों के लिए यात्रियों की सुरक्षा सर्वोपरि है। 26 मार्च को भारतबंद के आह्वान पर कि सानों ने जिलेभर में जाम लगाया था। यात्रियों की सुरक्षा के लिहाज से शुक्रवार को डिपो की बसों का परिचालन प्रभावित रहा। शाम छह बजे के बाद जैसे ही जाम खुला तो बसों का परिचालन शुरू कर दिया था। अब बस सुचारु रूप से चल रही हैं। बस कम चलने से डिपो को घाटा हुआ है। अब राजस्व में बढ़ोतरी कर ने का प्रयास डिपो कर्मचारियों का रहेगा।
बिजेंद्र सिंह, रोडवेज जीएम जींद डिपो।