निजी बसों का विरोध कर हड़ताल कर रहे रोडवेज कर्मचारियों ने वीरवार देर शाम हड़ताल समाप्त कर दी। इसके बाद रोडवेज की रात्रि सेवा और सुबह गांवों से आने वाली बसों को अपने रूट पर भेजा गया। चंडीगढ़ में रोडवेज कर्मचारी यूनियन और सरकार के साथ हुई बातचीत में हड़ताल समाप्त करने पर सहमति बनी।
इससे पहले रोडवेज कर्मचारी सुबह से ही बस स्टैंड में धरना देकर बैठ गए और यहां सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। वीरवार को कर्मचारी महासंघ और सर्वकर्मचारी संघ ने भी हड़ताल का समर्थन करते हुए मांगें नहीं माने जाने पर अन्य विभागों में भी हड़ताल करने की चेतावनी सरकार को दी। कर्मचारी महासंघ के प्रदेश प्रवक्ता विनोद शर्मा ने कहा कि सरकार जानबूझकर रोडवेज को समाप्त करना चाहती है। उन्होंने कहा कि सरकार कानून से ऊपर होकर निजी बसों को परमिट दे रही है।
मैक्सी कैब यूनियन भी आई समर्थन में
वीरवार दोपहर बाद मैक्सी कैब यूनियन ने भी रोडवेज कर्मचारियों की हड़ताल का समर्थन करते हुए कैब बस स्टैंड में खड़ी कर दी। यूनियन के प्रधान राजेश कुमार ने कहा कि सरकारी बसें नहीं होने से उनका धंधा भी चौपट हो जाएगा।
रोडवेज कर्मचारी ही चलाते हैं मैक्सी कैब
मैक्सी कैब अधिकतर रोडवेज कर्मचारियों की ही हैं। हड़ताल के समर्थन से यह साबित भी हो गया है। सरकार को इस पर कार्रवाई करनी चाहिए। अपनी मैक्सी कैब चलाने के लिए रोडवेज कर्मचारी सरकार को चूना लगा रहे हैं।
सुनील कुमार, प्रदेशाध्यक्ष सहकारी समिति कल्याण संघ
सरकार के साथ सभी मांगों पर सहमति बन गई है। 2017 की परिवहन नीति के तहत चलाई गई सभी बसों के परमिट रद्द होंगे और जिन निजी बसों के रूट बदले गए हैं, वे वापस पुराने रूट पर जाएंगी। सभी कर्मचारियों का निलंबन रद्द होगा। इसके बाद हड़ताल वापस ली जा रही है।
धर्मबीर हुड्डा, संगठन सचिव, रोडवेज वर्कर्स यूनियन
शाम को हड़ताल समाप्त हो गई है। इसके बाद रात्रि सेवाओं पर जाने वाली व सुबह गांवों से चलने वाली बस रूट पर भेजी गई हैं। शुक्रवार से बसों का परिचालन सामान्य होगा।
- आरएस पूनिया, महाप्रबंधक, जींद डिपो