कृषि विधेयकों के विरोध में किसानों द्वार भारत बंद के कारण बस स्टैंड परिसर में खड़ीं रोडवेज की बसे
- फोटो : Jind
कृषि विधेयकों के विरोध में किसान संगठनों द्वारा शुक्रवार को भारत बंद रखा गया। किसानों द्वारा जगह-जगह पर सड़क जाम करने की वजह से रोडवेज ने अपनी बसों को सड़क पर नहीं उतारा। सुबह पांच बजे केवल गुरुग्राम के लिए पहली बस निकली। वह भी रोहतक तक ही जा सकी। चंडीगढ़ के लिए जाने वाली बस का परिचालन केवल कैथल तक ही जा सकी। शाम चार बजे के बाद किसानों द्वारा जाम खोलने के बाद रोडवेेज बसों का परिचालन शुरू कर दिया गया। बसों के नहीं चलने की वजह से यात्री दिनभर परेशान रहे। हांसी और नरवाना रूट पर चार से पांच निजी बसें जरूर चलीं। जाम के चलते अन्य निजी बसों के मालिकों द्वारा बसों को नहीं चलाया गया।
आमतौर पर जींद डिपो से प्रतिदिन 100 से अधिक रोडवेज और 90 निजी बसों का परिचालन होता है, लेकिन शुक्रवार को भारत बंद के आह्वान पर किसानों द्वारा जींद में कंडेला, हांसी रोड, किनाना, धमतान साहिब, निडाना, दालमवाला, अलेवा, मनोहरपुर, जुलाना, कैथल रोड व सफीदों सहित अन्य मार्गों पर जाम लगाया गया था। जिसकी वजह से इन रूटों पर यातायात प्रभावित रहा।
भारत बंद के आह्वान पर किसानों द्वारा जिलेभर में जगह-जगह जाम लगाया गया था। इस दौरान यात्रियों की सुरक्षा को देखते हुए बसों को नहीं चलाया गया। जैसे ही शाम को जाम खुला तो यात्रियों की संख्या के हिसाब से बसों को चलाया गया।
बिजेंद्र सिंह, रोडवेज जीएम जींद डिपो।