घर पहुंचने के बाद अपने पिता से बातचीत करती रितु।
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मणिपुर हिंसा में फंसी जींद के नरवाना की रितु सोमवार की रात दिल्ली पहुंची थी। इसके बाद वह दिल्ली में अपने एक रिश्तेदार के यहां ठहर गई थी। बाद में वह मंगलवार शाम को अपने घर हरिनगर नरवाना पहुंची, जहां पर परिजन और पड़ोस के लोगों ने उसे गले लगाकर बधाई दी।
इस दौरान रितु को मिलने के लिए रात तक लोगों का आवागमन लगा रहा। रितु के पिता राजकुमार ने सरकार के साथ मीडिया का भी धन्यवाद किया, जिन्होंने मामले को सरकार तक पहुंचाया। उन्हीं की बदौलत से उनकी बेटी सुरक्षित घर लौट आई है।
रितु ने बातचीत में बताया कि मणिपुर में दंगे तीन मई को शुरू हो गए थे। दंगों के कारण बाजार, स्कूल, बैंक, कॉलेज सब बंद हो गए थे। इसके बाद पूरे प्रदेश में धारा 144 लागू कर दी गई, लेकिन दंगे फिर भी जारी रहे। लोग अपने घरों में ही बैठे रहे। पूरे प्रदेश में हिंसा बढ़ने पर उपद्रवियों को गोली मारने के आदेश जारी कर दिए गए थे।
फिर बाहर निकलना और भी मुश्किल हो गया था। उन्होंने बताया कि दंगे भड़कने के बाद देश के सभी प्रदेशों की सरकारों ने सभी छात्र-छात्राओं से संपर्क करना शुरू कर दिया था। उनका भी हरियाणा सरकार से संपर्क हो गया और सरकार ने उन्हें हरियाणा लाने की प्रक्रिया शुरू कर दी। सोमवार को उन्हें सुरक्षित दिल्ली पहुंचाया गया। उन्हें मणिपुर से अरुणाचल प्रदेश वाया कोलकाता होकर दिल्ली पहुंचाया गया। हरियाणा सरकार का वह धन्यवाद करती है।