19जेएनडी01: 11 दिवसीय महा अखंड जाप में मौजूद श्रद्धालु। स्रोत श्रद्धालु।
जींद। पूर्ण पारब्रह्म, महाज्ञानी श्री महान कलाधारी महाराज की अपार कृपा से वीरवार को कला धाम में सर्व सुख शांति व विश्व कल्याण के लिए 11 दिवसीय महा अखंड जाप का आयोजन हुआ।
आध्यात्मिक अनुष्ठान के नौवें दिन ऋषि सुखदेव महाराज ने जरूरतमंदों को सहायता सामग्री प्रदान की गई। ऋषि सुखदेव महाराज ने कहा कि जिस मनुष्य ने प्रभु प्रेम और सत्य ज्ञान को जीवन में आत्मसात कर लिया उसने संसार के समस्त दुखों पर विजय प्राप्त कर ली। उन्होंने समझाया कि नेक कर्म करते हुए यदि जीवन में कष्ट आते हैं तो वे मनुष्य को ईश्वर के और समीप ले जाते हैं।
ऋषि ने कहा कि प्रभु के गूढ़ ज्ञान को पाने के लिए अंतकरण से मलिन विचारों और बुराइयों का त्याग अनिवार्य है। उन्होंने कहा कुछ असली और श्रेष्ठ प्राप्त करने के लिए नकली मोह का त्याग करना ही पड़ता है। तन, मन और धन से लाचार जीवों की भलाई के लिए सदैव तत्पर रहना ही सच्चा धर्म है।
महाराज ने कहा कि शुभ कार्य करते समय कभी मन में अहंकार नहीं आना चाहिए। उन्होंने कहा कि करन-करावन स्वयं निराधार भगवान हैं। मनुष्य तो मात्र एक निमित्त है। निस्वार्थ और समर्पित भाव से किए गए कर्म ही परम आनंद की प्राप्ति करवाते हैं। इस अवसर पर श्रद्धालु उपस्थित रहे, जिन्होंने महा अखंड जाप में आहुति डाली और ऋषि के ज्ञान अमृत का पान किया।