फोटो 12जेएनडी18-विधायक देवेंद्र चतरभुज अत्री को स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित करते हुए। स्रोत श्रद
उचाना। लाला प्रभुदयाल चौधरी धर्मशाला में चल रही सात दिवसीय श्री शिव महापुराण कथा का बुधवार को समापन हो गया। इस दौरान हवन-यज्ञ हुआ जिसमें श्रद्धालुओं ने आहुति डालकर भगवान शिव से सुख-समृद्धि एवं क्षेत्र की खुशहाली की कामना की।
कथा के अंतिम दिन विधायक देवेंद्र चतरभुज अत्री भी पहुंचे और भगवान शिव का आशीर्वाद लिया। उन्होंने कहा कि धार्मिक आयोजनों से समाज में आध्यात्मिक चेतना के साथ-साथ आपसी भाईचारा और सद्भाव की भावना मजबूत होती है। सात दिनों तक कथावाचक अरविंद शास्त्री ने श्रद्धालुओं को श्री शिव महापुराण की विभिन्न कथाओं का रसपान करवाया।
उन्होंने भगवान शिव की महिमा, शिव भक्ति के महत्व और श्री शिव महापुराण का श्रवण करने से मनुष्य के जीवन में होने वाले आध्यात्मिक लाभों के बारे में विस्तार से बताया। अत्री ने कहा कि श्री शिव महापुराण कथा जैसे धार्मिक आयोजनों से नई पीढ़ी को अपनी संस्कृति और सनातन परंपराओं से जुड़ने का अवसर मिलता है।
उन्होंने कहा कि भगवान शिव सभी के आराध्य हैं और उनकी भक्ति से समाज में शांति, सद्भाव तथा भाईचारे का संदेश फैलता है। इस दौरान भंडारे का आयोजन किया गया, जिसमें श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया।