जींद। अब जिले के शिव भक्तों के लिए जींद से हरिद्वार के लिए दो बसें चलेंगी। इससे न सिर्फ श्रद्धालुओं बल्कि हरिद्वार जाने वाले आम लोगों को भी सुविधा होगी। पहले सिर्फ एक ही बस चलती थी जिससे यात्रियों को परेशानी होती थी। जींद से हरिद्वार के लिए सीधी कोई ट्रेन नहीं होने और यात्रियों को हो रही परेशानी को देखते हुए रोडवेज प्रबंधन ने सेवा में विस्तार किया है। रोडवेज प्रबंधन का कहना है कि यदि जरूरत पड़ी तो सावन में हरिद्वार के लिए बसों की संख्या बढ़ाई जा सकती है।
जींद से हरिद्वार जाने वाले यात्रियों की सुविधा के लिए जींद डिपो ने दो बसें चलाने का निर्णय लिया है। इससे यात्रियों को काफी फायदा होगा। एक बस जींद से सुबह पांच बजकर 30 मिनट पर हरिद्वार के लिए चलेगी तो दूसरी बस सुबह छह बजकर 20 मिनट पर चलेगी। जींद से पानीपत, शामली व मुज्जफरनगर होते हुए बस हरिद्वार पहुंचेगी। वापसी में एक बस हरिद्वार से दोपहर साढ़े 12 बजे तो दूसरी बस एक बजकर 30 मिनट पर चलेगी। इसके पहले सिर्फ एक बस चल रही थी। अब यात्रियों की मांग पर जींद डिपो ने हरिद्वार के लिए दूसरी बस चलाने का निर्णय लिया है। जींद से हरिद्वार की दूरी 250 किलोमीटर है। यात्रियों को जींद से हरिद्वार के लिए बस में एक तरफ का किराया 285 रुपये देना होगा। इस समय स्कूलों की ग्रीष्मकालीन छुट्टियां हैं। ऐसे में बच्चे अपने अभिभावकों के साथ पर्यटन स्थलों पर घूमने जाते हैं। हरिद्वार पर्यटन स्थल व धार्मिक स्थल के रूप में विशेष महत्व रखता है। ऐसे में लोग गर्मियों की छुट्टियों में हरिद्वार जाना पसंद करते हैं। पहले जींद से हरिद्वार के लिए केवल एक ही बस थी जो सुबह पांच बजकर 30 मिनट पर चलती थी। गर्मियों की छुट्टियां होने के बाद जैसे ही जींद से हरिद्वार जाने वाले यात्रियों की संख्या में बढ़ोतरी हुई तो जींद डिपो ने यात्रियों की सुविधा के लिए एक अतिरिक्त बस चलाने का निर्णय लिया है।
ट्रेन की नहीं है कोई सुविधा
जींद से हरिद्वार के लिए कोई ट्रेन नहीं है। ऐसे में हरिद्वार जाने के लिए यात्री बस का सहारा ले रहे हैं। अगर जींद के यात्रियों को ट्रेन में हरिद्वार जाना हो तो उन्हें पानीपत, कुरुक्षेत्र या अंबाला जाना पड़ता है। ऐसे में उनका समय अधिक खराब होता है। इसलिए लोग बस में ही यात्रा करना पसंद करते हैं। जींद से हरिद्वार बस लगभग पांच घंटे में पहुंच जाती है।
पहले हरिद्वार के लिए एक बस चलाई जा रही थी। अब यात्रियों की बढ़ती संख्या को देखते हुए दूसरी बस भी शुरू की गई है। यदि सावन महीने में यात्रियों की संख्या ज्यादा बढ़ी तो और भी बसें चलाई जा सकती हैं। डिपो का प्रयास यात्रियों को ज्यादा से ज्यादा सुविधा देना है। -राजवीर, डिपो इंस्पेक्टर।