20जेएनडी02: पंप लेट बांटकर ग्रामीणों को जागरूक करते हुए स्वास्थ्य कर्मी। स्रोत विभाग
जींद। सीएचसी कालवा के स्वास्थ्य कर्मियों ने सुपरवाइजर बिजेंद्र बूरा के नेतृत्व में मच्छर दिवस मनाया। इस दौरान नुक्कड़ नाटक और डोर टू डोर जाकर ग्रामीणों को जागरूक किया गया। इसके लिए सुमित्रा देवी, संदीप कुंडू, मंजीत शर्मा, कपिल शर्मा, सुनीता, नीलम पर आधारित सात टीमों का गठन किया गया था।
बिजेंद्र बूरा ने बताया कि बारिश के मौसम में जगह-जगह जलभराव एवं गंदगी होने से मच्छरों का प्रकोप बढ़ जाता है। इससे मच्छर जनित रोग जैसे मलेरिया, डेंगू के संक्रमण का खतरा भी बढ़ जाता है। ऐसे में घर के आसपास एवं घर के अंदर मच्छरों के पनपने के स्थान या घरों के आसपास गड्ढों को मिट्टी से भर दें। छतों पर पड़े प्लास्टिक के बर्तन, नारियल खोल, टायर व कबाड़ को नीचे उतार दें। उन्होंने कहा कि डेंगू की शुरुआत तेज बुखार और सिरदर्द व पीठ में दर्द से होती है। शुरू के दिनों में शरीर के जोड़ों में दर्द होता है। आंखें लाल हो जाती हैं। डेंगू बुखार दो से चार दिनों तक होता है। उसके बाद शरीर का तापमान धीरे-धीरे अपने आप नॉर्मल होने लगता है। बुखार के साथ ही खून की कमी होने लगती है। डेंगू बुखार में प्लेटलेट्स कम होने से रक्तस्राव का जोखिम रहता है, जोकि जानलेवा भी हो सकता है।
20जेएनडी02: पंप लेट बांटकर ग्रामीणों को जागरूक करते हुए स्वास्थ्य कर्मी। स्रोत विभाग