शनिवार को चौथे दिन भी जिले में अच्छी बारिश हुई। सुबह पांच बजे से रुक-रुक कर साढ़े आठ बजे तक बारिश होती है। बारिश के कारण अब फसलों को काफी नुकसान होना शुरू हो चुका है। तेज हवाओं के कारण गेहूं व सरसों की फसल खेतों में गिर गई है। इससे उत्पादन पर काफी असर पड़ेगा। वहीं फसल बीमा योजना के तहत जारी किए गए टोल फ्री नंबर पर किसानों ने जब शिकायत करनी चाही तो नंबर नहीं मिला। इसके बाद काफी संख्या में किसान उपकृषि निदेशक कार्यालय पहुंचे। यहां किसानों से कहा गया कि वह 72 घंटे तक अपनी शिकायत दे सकते हैं। सोमवार से यदि टोल फ्री नंबर नहीं मिला तो ऑफ लाइन लोगों की शिकायत ली जाएगी।
बता दें कि पिछले तीन दिन से बारिश हो रही है। शनिवार को चौथे दिन भी सुबह पांच बजे से लेकर साढ़े आठ बजे तक रुक-रुक कर बारिश हुई। बारिश के कारण खेतों में पानी खड़ा हो गया है। जुलाना क्षेत्र के लगभग पांच हजार एकड़ में पानी खड़ा हो गया है। इस कारण काफी फसल खराब हो चुकी है या खराब होने के कगार पर पहुंच गई है। फसल बीमा योजना के तहत मुआवजे की मांग को लेकर किसानों ने कृषि विभाग के टोल फ्री नंबर पर संपर्क किया लेकिन वह नहीं मिला। इसके बाद किसान कृषि कार्यालय पहुंचे। यहां अधिकारियों ने कहा कि वह 72 घंटे तक अपनी शिकायत दर्ज करवा सकते हैं। मंगलवार तक उनकी शिकायत ली जाएगी। सोमवार से किसान टोल फ्री नंबर पर या कृषि उपनिदेशक कार्यालय जींद में अपनी शिकायत दे सकते हैं। वहीं जब जुलाना में कृषि विभाग का कोई कर्मचारी या अधिकारी नहीं मिला तो किसानों ने रोष जताया। गांव करसोला, पोली, बुढ़ाखेड़ा, हथवाला के किसान कप्तान सिंह, शीशपाल, विक्रम, सतबीर, रामकुमार, रामफल, भरथा, अनिल ने बताया कि फसल बीमा योजना के तहत उनकी गेहूं और सरसों की फसल का बीमा किया हुआ है और बारिश के कारण उनके खेतों में जल भराव की स्थिति पैदा हो गई है। किसानों का कहना है कि 24 से 72 घंटे के अंदर फसल बीमा योजना के अधिकारियों को फसल में जलभराव की स्थिति पैदा होने की सूचना दी जानी थी लेकिन फसल बीमा योजना को लेकर जारी किया गया टोल फ्री नंबर बंद आ रहा है। इस कारण उन्हें अपनी फसल की चिंता सता रही है। इसके अलावा जब वह जुलाना कृषि कार्यालय में अपनी शिकायत लेकर पहुंचे तो यहां पर भी कोई भी अधिकारी व कर्मचारी मौजूद नहीं था।
शनिवार को हुई बारिश
जींद 9, सफीदों 8, नरवाना 5, उचाना 6, पिल्लूखेड़ा 3, जुलाना 6 एमएम बारिश दर्ज की गई। जिले में औसतन छह एमएम बारिश दर्ज की गई। अलेवा में भी हलकी बूंदाबांदी हुई।
जींद में कृषि विभाग कार्यालय में मीटिंग थी, इसलिए सभी जींद गए हुए थे। जिन किसानों की फसल खराब हुई है, वह अपने कागजात लेकर जींद कृषि कार्यालय में संपर्क कर सकते हैं। ऑनलाइन भी किसानों की शिकायत दर्ज की जा रही है। किसानों को अपने साथ बैंक की कॉपी, जिसमें से फसल बीमा का प्रीमियम कटा हो, आधार कार्ड की कॉपी, जमीन के रकबे का प्रूफ, खराब हुई फसल का ब्योरा से संबंधित कागजात जींद कार्यालय में जाकर जमा करवाएं। वहीं जींद के कृषि विकास अधिकारी सुनील कुमार ने कहा कि सोमवार से किसानों की ऑफलाइन शिकायत भी ली जाएगी। किसानों को कोई परेशानी नहीं आने दी जाएगी।
पुरुषोत्तम, कृषि विकास अधिकारी, जुलाना।
लगातार चौथे दिन जींद में हुई बारिश और तेज हवा के कारण खेत में बिछी गेहूं की फसल।- फोटो : Jind