जींद। देश की पहली हाइड्रोजन ट्रेन के संचालन को लेकर रेलवे अब इसके रूट में बदलाव और विस्तार की संभावनाएं तलाश रहा है। जींद-सोनीपत के बीच संचालित ट्रेन को दिल्ली तक चलाने की योजना पर मंथन किया जा रहा है। इसके लिए रेलवे ने यात्रियों से भी सुझाव मांगे गए हैं। मौजूदा रूट पर यात्रियों की संख्या कम रहने को इसके पीछे एक प्रमुख कारण माना जा रहा है।
रेलवे की ओर से 17 जुलाई को जींद रेलवे जंक्शन से देश की पहली हाइड्रोजन ईंधन सेल ट्रेन को हरी झंडी दिखाई गई थी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसका शुभारंभ किया था। शुरुआत में ट्रेन को जींद-सोनीपत के 89 किलोमीटर लंबे रेलखंड पर चलाने का निर्णय लिया गया था।
इस रूट को हाइड्रोजन ट्रेन की तकनीक, सुरक्षा और नियमित संचालन की व्यावहारिकता परखने के लिए पायलट रूट के तौर पर चुना गया था। ट्रेन में दो हाइड्रोजन ड्राइविंग पावर कार और आठ कोच हैं और इसमें करीब 2600 यात्रियों की क्षमता है। जींद में हाइड्रोजन भंडारण, कंप्रेशन और रिफ्यूलिंग की सुविधा भी विकसित की गई है।
दिल्ली तक विस्तार से बढ़ सकता है दायरा
मौजूदा रूट पर यात्रियों की संख्या कम होने की रिपोर्ट के बाद ट्रेन को दिल्ली तक चलाने की संभावना सामने आई है। इससे जींद, गोहाना और सोनीपत के यात्रियों को दिल्ली से सीधा रेल संपर्क मिल सकता है। हालांकि रूट में बदलाव या विस्तार को लेकर अंतिम निर्णय रेलवे की ओर से लिया जाना बाकी है।
वर्जन
हाइड्रोजन ट्रेन के रूट का विस्तार करने की योजना पर काम चल रहा है। इसको लेकर यात्रियों से सुझाव मांगे गए हैं।
-अजय माइकल, सीपीआरओ, नई दिल्ली