22जेएनडी17: नागरिक अस्पताल के पुराने भवन जीर्णोद्वार में अनियमितता बरतने के विरोध में उतरे समाज
जींद। नागरिक अस्पताल के पुराने भवन को करोड़ों रुपये से नया लुक देने के लिए 19 दिनों से काम चला रहा है। अस्पताल के सामने के हिस्से व सीएमओ कार्यालय की अच्छे से मरम्मत करवाने की बजाय पीवीसी से ढका जा रहा है। इसके चलते सोमवार को लोगों ने अस्पताल के बाहर नारेबाजी कर काम की गुणवत्ता बढ़ाने की बात कही। इसको लेकर अस्पताल के पीएमओ ने भी पीडब्ल्यूडी विभाग को पत्र भी लिखा।
लोगों का कहना है कि अस्पताल के भवन पर सीलन है जिसके लिए कोई काम नहीं किया गया, बल्कि जर्जर हालात में ही भवन को पीवीसी से ढका जा रहा है। इतनी बड़ी राशि खर्च करने के बावजूद अस्पताल में मजबूती पर कोई काम न करके सिर्फ दिखावा बेहतर किया जा रहा है।
दरारों वाली दीवारों की मरम्मत को नाममात्र ही ठीक करने के आरोप लगे हैं। इस तरह से जीर्णोद्धार का काम चला रहा है। इससे अस्पताल के भवन को मजबूती नहीं सिर्फ सुंदरीकरण ही मिलेगा।
फॉल सीलिंग पर ही खर्च होंगे 2.38 करोड़ रुपये
नागरिक अस्पताल के भवन के बारजे में आई दरारों को भरे बिना ही पीवीसी फॉल सीलिंग चस्पा दी गई है। अस्पताल की जर्जर बिल्डिंग और उसी को पीवीसी फॉल सीलिंग से ढका जा रहा है जबकि पहले मरम्मत जरूरी थी। अस्पताल की लुक बढ़ाने पर पीवीसी लगाने के लिए 2.38 करोड़ रुपये का खर्च होना प्रस्तावित किया गया है। इस पर काम जारी है। वहीं अस्पताल की जर्जर बिल्डिंग से निकले दिखाई देते हुए लोहे के सरिये और ऊपर से सिर्फ ढका जा रहा है।
वर्जन
पीडब्ल्यूडी अधिकारियों की ओर से अस्पताल की पुरानी बिल्डिंग का रेनोवेशन करवाया जा रहा है। अस्पताल में इमरजेंसी व अन्य जगहों पर मरम्मत आदि का कार्य जारी है। फिलहाल बाहरी स्तर पर काम चला हुआ है। -डॉ. रघुवीर पूनिया, पीएमओ नागरिक अस्पताल जींद
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