जींद। सरकार ने प्रदेशभर की मंडियों में सोमवार से पीआर धान की सरकारी खरीद शुरू करने के निर्देश दिए थे लेकिन जींद मंडी में खरीद एजेंसियों को निर्देशों की कोई फिक्र नहीं है। इन एजेंसियों ने सरकार को ठेंगा दिखाते हुए पहले दिन धान नहीं खरीदा। किसानों ने शाम तक इंतजार किया। मंडी में सोमवार तक लगभग 500 क्विंटल पीआर धान आई।
शहर की अनाज मंडी में पीआर धान, 1509 धान, बाजरा, कपास समेत गेहूं व सरसों की आवक हुई। इसमें सोमवार को व्यापारियों ने बोली पर 1509 धान की खरीद की। इसके अतिरिक्त मंडी में कपास, बाजरा व गेहूं को भी प्राइवेट बोली पर ही खरीद हुई।
बाजरे की सरकारी खरीद शुरू न होने से किसानों से बाजरा 1900 से 2000 रुपये प्रति क्विंटल खरीदा जा रहा है जबकि बाजरे का सरकार रेट 2715 रुपये प्रति क्विंटल है। पीआर धान की हैफेड व बाजरे की सोमवार को हरियाणा स्टेट वेयरहाउस कार्पोरेशन ने खरीद करनी थी।
इन दोनों ही खरीद एजेंसियों ने किसानों को खरीदना तो दूर जांच करने के लिए भी मंडी में आना उचित नहीं समझा।
3152 रुपये प्रति क्विंटल बिका 1509 धान
मंडी में 1509 धान की खरीद प्राइवेट बोली पर अधिकतम 3152 रुपये प्रति क्विंटल हुई। इसके अतिरिक्त गेहूं 2300 से 2400 रुपये प्रति क्विंटल के भाव से बिका। कपास का मंडी में एक ही खरीददार होने के चलते ज्यादा भाव नहीं मिले। इसके चलते कपास 6921 रुपये प्रति किंव्टल तक बिकी। मंडी में 6800 रुपये प्रति क्विंटल के भाव से सरसों बिकी।
मंडी में एजेंसियों की तैयारी नहीं
खरीद एजेंसियों की ओर से अनाज मंडी में खरीफ फसलों की खरीद की कोई तैयारी नहीं दिखाई दे रही। मंडी में हैफेड का खरीद केंद्र भी सुनसान पड़ा हुआ है। यहां पर अभी तक सफाई तक नहीं की गई। इसके अतिरिक्त धान खरीद को लेकर आढ़तियों के पास भी एजेंसियों की तरफ से कोई संदेश नहीं दिया गया। इन हालातों से लगता है कि आगामी एक सप्ताह तक मंडी में खरीद होना मुश्किल है।
वर्जन
अनाज मंडियों में भी खरीद एजेंसियों के अधिकारियों को पीआर धान खरीद के निर्देश दिए हैं। धान की फसल पककर तैयार है। किसान मंडी में लाकर बेच सकते हैं। मंडी में धान लाने से पहले किसान नमी की मात्रा का ध्यान जरूर रखें। किसानों की फसल मापदंड अनुसार तुरंत खरीदी जाएगी। अगर कोई एजेंसी लापरवाही बरतेगी तो उस पर कार्रवाई होगी।-राजेश आर्य, जिला खाद्य एवं आपूर्ति नियंत्रक व जिला नोडल अधिकारी