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मनोवैज्ञानिक को भी डेढ़ घंटे की पूछताछ में जुम्मादीन ने छकाया

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अदालत में पेश करने के लिए लाया गया जुम्मादीन। - फोटो : Jind
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डिडवाड़ा गांव के जुम्मादीन द्वारा की गई अपने पांच बच्चों की हत्या में से तीन की हत्या की पुष्टि के लिए वीरवार को दोबारा से कब्रों की खुदाई करवाई जानी थी, मगर ड्यूटी मजिस्ट्रेट की नियुक्ति नहीं होने के कारण खुदाई नहीं हो सकी। अब शुक्रवार को कब्रों की खुदाई की जाएगी। वीरवार को रिमांड की अवधि पूरी होने पर जुम्मा को फिर से अदालत में पेश किया गया, जहां से उसे पूछताछ के लिए दो दिन के लिए पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया है।
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15 जुलाई को हुई दो बच्चियों की हत्या की पुष्टि तो हो गई है, लेकिन इससे पहले की गई तीन बच्चों की हत्या की पुष्टि करना बाकी है। आठ साल में की गई तीन बच्चों की हत्या के बाद शवों का पोस्टमार्टम नहीं हुआ था, जिसकी वजह से हत्या को साबित करने के लिए पुलिस अब कब्र से शवों के अवशेष जुटाना चाहती है। अब शुक्रवार को पुलिस द्वारा जुम्मा और उसके परिवार की निशानदेही पर कब्रों को खुदवाया जाएगा।
वहीं वीरवार को जींद नागरिक अस्पताल के मनोवैज्ञानिक डॉ. दिनेश ने जुम्मादीन से करीब डेढ़ घंटे तक सफीदों थाने में पूछताछ की, मगर उसकी मानसिक स्थिति की सही पड़ताल नहीं हो सकी। डॉ. दिनेश द्वारा की गई पूछताछ में भी जुम्मादीन ने बातों को खूब घुमाया। इस दौरान कई बार मनोवैज्ञानिक टेस्ट में जुम्मादीन उलझा भी, लेकिन उसने अपनी जुबान बंद कर ली। इस दौरान मनोवैज्ञानिक ने बच्चों की हत्या करने का कारण या हत्या के आरोपों के बारे में कोई सवाल नहीं किया। उन्होंने सिर्फ जुम्मादीन की मानसिक स्थिति जानी। आगे भी मनोवैज्ञानिक जांच चलेगी और चार दिन बाद इसकी रिपोर्ट सिविल सर्जन को सौंपी जाएगी।
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जानकारी के लिए 15 जुलाई की रात को जुम्मादीन ने अपने दो बेटियों मुस्कान (11 ) और निशा (7) को नहर में फेंक दिया था। इससे पहले भी जुम्मादीन 2012 में नौ माह की निशा, 2016 में बेटे आर्यन और 2019 में बेटे नबी की भी हत्या कर चुका है। पहले की गई हत्याओं के साक्ष्य जुटाने के लिए पुलिस कब्रिस्तान में खुदाई करवाएगी। इससे पहले भी पुलिस एक बार प्रयास किया जा चुका है, लेकिन न तो जुम्मादीन और न ही उसके परिवार के लोग ही कब्रों की पहचान कर सके। अब पुलिस तीनों बच्चों के शवों की एफएसएल टीम से सैंपल करवाकर सबूत जुटाने का काम किया जाएगा।
मनोवैज्ञानिक दिनेश कुमार को आरोपी से पूछताछ के लिए बुलाया गया था। करीब डेढ़ घंटे तक जुम्मादीन से बातचीत की गई। इस दौरान क्या बातचीत हुई, इसकी जानकारी नहीं है। वीरवार देर शाम को नायब तहसीलदार रामपाल को ड्यूटी मजिस्ट्रेट नियुक्त कर दिया गया है। अब शुक्रवार को कब्रिस्तान में खुदाई करवाकर शवों के अवशेषों के नमूने लेने की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
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छतरपाल, कार्यवाहक थाना प्रभारी, सदर थाना सफीदों।
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