केंद्र सरकार द्वारा कृषि क्षेत्र के लिए लाए गए अध्यादेशों को किसान और आढ़ती विरोधी बताते हुए जिलेभर के आढ़तियों ने हड़ताल कर रोष जताया। आढ़तियों ने डीसी कार्यालय पर प्रदर्शन कर सरकार को अध्यादेश वापस लेने के लिए ज्ञापन भेजा। इस दौरान प्रदेश व्यापार मंडल के अध्यक्ष बजरंग दास गर्ग भी उनके प्रदर्शन को समर्थन देने पहुंचे।
पत्रकारों से बातचीत करते हुए बजरंग दास गर्ग ने कहा कि केंद्र सरकार के तीन अध्यादेश पूरी तरह से किसान व आढ़ती विरोधी हैं। इसके विरोध में हरियाणा, राजस्थान, पंजाब व चंडीगढ़ की मंडी पूरी तरह से बंद हैं। उन्होंने कहा कि अध्यादेश वापस नहीं लिए गए तो अक्टूबर महीने में आढ़तियों का राष्ट्रव्यापी आंदोलन होगा। तब तक धान की फसल मंडियों में आ चुकी होगी और किसान व आढ़ती एक साथ सड़कों पर बैठकर विरोध करेंगे। उन्होंने कहा कि ये अध्यादेश बड़ी-बड़ी कंपनियों के मालिकों के हक में हैं। नए फरमान के तहत बड़ी-बड़ी कंपनी मंडियों के बाहर खेतों में ही अनाज, सब्जी व फल ओने-पौने दामों में किसानों से खरीद सकेंगी। इसमें न्यूनतम समर्थन मूल्य पर ही फसल खरीदने का प्रावधान नहीं होगा। इस दौरान व्यापार मंडल के प्रदेश प्रवक्ता राजकुमार गोयल, ईश्वर बंसल, सुरेश जिंदल, राधेश्याम बिंदल, जय कुमार गोयल, आईडी गोयल, सुभाष बंसल, बलराम गर्ग व दिनेश गर्ग मौजूद रहे।
व्यापार में लगाए हैं करोड़ों रुपये
उन्होंने कहा कि आढ़तियों ने इस व्यापार में करोड़ों रुपये लगाए हैं। खुद सरकार ने ही मंडियों में करोड़ों रुपये की दुकान बेची हैं। ऐसे में नई व्यवस्था उन्हें पूरी तरह से बर्बाद कर देगी। किसान की हर फसल की खरीद मंडी के आढ़तियों के माध्यम से होनी चाहिए।
किसान और आढ़ती का भाईचारा तोड़ने का प्रयास
इस दौरान जींद अनाज मंडी के पूर्व प्रधान जयभगवान मित्तल ने कहा कि सरकार आढ़ती व किसानों के भाईचारे को तोड़ना चाहती है। यह नहीं होने दिया जाएगा। किसान व आढ़ती एक-दूसरे के सुख-दुख के साथी होते हैं, लेकिन सरकार अपने हितों के लिए उनके हितों को बड़े पूंजीपतियों के यहां गिरवी रखना चाहती है।
सीधे ट्रेडिंग के विरोध में नरवाना के आढ़तियों ने रखी हड़ताल
नरवाना में फूड ग्रेन डीलर एसोसिएशन के सदस्यों ने शुक्रवार को ट्रेडिंग के विरोध में दुकानें बंद रख विरोध जताया में फूड ग्रेन डीलर एसोसिएशन के प्रधान जयदेव बंसल ने कहा कि भाजपा सरकार किसानों और आढ़तियों के वर्षों पुराने रिश्ते का तोड़कर सीधे ट्रेडिंग करने पर उतारू है। इससे प्रदेश के लाखों मजदूर, व्यापारी व मुनीम बेरोजगार हो जाएंगे। इस अवसर पर उपप्रधान सतीश मित्तल, बृजेंद्र सिंह सुरजेवाला, धर्मपाल, सज्जन सिंगला, नरेश आर्य, नरेश जैन, किशनचंद, रामधारी मल, रामनिवास जैन, सतपाल मोर, बलवंत शर्मा, ईश्वर गोयल, भगवानदास, पवन मोर, भारतीय किसान यूनियन के अध्यक्ष जोगेंद्र घासीराम नैन, पूर्व सरपंच गंगा सिंह, सूबे सिंह नंबरदार, रणधीर सिंह व दिलबाग मोर मौजूद रहे।