10जेएनडी07: प्रियदर्शिनी इंदिरा गांधी महिला कॉलेज में छात्राओं को कार्यशाला में जागरूक करते हु
जींद। प्रियदर्शिनी इंदिरा गांधी महिला कॉलेज में प्लेसमेंट सेल के तत्वावधान में महात्मा गांधी शिक्षा व समाज विकास संगठन की ओर से जलवायु परिवर्तन व शून्य अपशिष्ट के प्रयास विषय पर सेमिनार का आयोजन हुआ। इसमें मुख्यातिथि के तौर पर नेचर्स ऑर्बिट कलेक्टिव फाउंडेशन के संस्थापक देबब्रत राजकुमार ने शिरकत की।
कार्यक्रम का शुभारंभ करते हुए कॉलेज प्राचार्य जेएन गहलावत ने कहा कि महात्मा गांधी शिक्षा व समाज विकास संगठन पर्यावरण संरक्षण की दिशा में जागरूकता बढ़ाने के लिए बेहतर काम कर रहा है।
कॉलेज को गर्व है कि उन्हें ऐसे सेमिनार के माध्यम से विद्यार्थियों को व्यावहारिक और सामाजिक शिक्षण का अवसर मिला। उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि वह महात्मा गांधी के सिद्धांतों को आत्मसात करते हुए प्रकृति के संरक्षण में अपनी सक्रिय भूमिका निभाएं।
संगठन के अध्यक्ष राजकुमार भोला ने कहा कि प्रकृति के साथ सामंजस्य बनाकर ही हम एक स्वस्थ और संतुलित भविष्य की और बढ़ सकते हैं। पर्यावरण की रक्षा केवल सरकार या संगठनों की जिम्मेदारी नहीं बल्कि यह हर नागरिक का नैतिक कर्तव्य है।
कार्यक्रम के मुख्य वक्ता के नेचर्स ऑर्बिट कलेक्टिव फाउंडेशन के संस्थापक देबब्रत राजकुमार ने कहा कि जलवायु परिवर्तन आज मानवता के सामने सबसे बड़ी चुनौती बन चुका है।
धरती का बढ़ता तापमान, ग्लेशियरों का पिघलना, असामान्य वर्षा, सूखा और प्रदूषण जैसी समस्याएं इस संकट के स्पष्ट संकेत है। उन्होंने कहा कि हमें जीरो वेस्ट लाइफस्टाइल अपनाने के लिए जीतना संभव हो उतना कम कचरा पैदा करें और हर चीज़ का उपयोग सीमित मात्रा में करें।
छात्राओं से अपील की कि बदलाव की शुरुआत अपने घर और कॉलेज से करें ताकि हम दूसरों के लिए उदाहरण बन सकें। प्लास्टिक की जगह कपड़े या जूट के बैग का उपयोग करें।