24जेएनडी05: साहित्य सेवा संगठन की मीटिंग में पहुंचे गणमान्य लोग। संवाद
उचाना। ब्राह्मण धर्मशाला उचाना में सोमवार को आयोजित बैठक में उचाना साहित्य सेवी संगठन का पुनर्गठन किया गया। इसकी अध्यक्षता पूर्व प्रधान व साहित्यकार रामफल खटकड़ ने की। कार्यक्रम का आरंभ जगदीश पांचाल ने कविता से किया गया। इसमें प्रत्येक मानव को अपने होने का एहसास कराने का संकल्प दोहराया गया।
पूर्व खंड शिक्षा अधिकारी धर्मवीर आर्य ने कहा कि साहित्य समाज का दर्पण होता है, समाज में फैली तमाम बुराइयां साहित्य ही पृष्ठ पर उकेरता है। उन्होंने कहा कि बड़े-बड़े बदलाव का साहित्य साक्षी होता है। उचाना में साहित्य सेवी संगठन बहुत पुराना है। इसके बैनर तले अनेकों पुस्तकों का विमोचन हो चुका है। सर्वसम्मति से नई टीम का चयन किया गया। प्रो. जगबीर दूहन को प्रधान, मा. रामप्रसाद को महासचिव, प्रिंसिपल रणबीर को उप-प्रधान, सुनील दत्त आर्य को सह-सचिव, मा. हरिकेश को खजांची, बलवंत रॉय को सहायक, सुरेश चौहान को प्रेस सचिव, शीशपाल शास्त्री, ओमप्रकाश प्राचार्य, माखनलाल लेक्चरर को कार्यकारिणी में शामिल किया गया। रामपाल खटकड़ को फाउंडर सदस्य तो सलाहकार मंडल में धर्मवीर सिंह आर्य, सूबेर सिंह, गजे सिंह गिल, जय सिंह कटारिया को शामिल किया गया। इस मौके पर मंजीत, रणधीर लोहान, देशराज आदि शामिल रहे।