जींद। जिले में पिछले एक सप्ताह से वायु प्रदूषण कम नहीं हो रहा है। दीपावली से एकदम से वायु प्रदूषण बढ़ा था, जो अभी भी स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है। मंगलवार को औसतन एक्यूआई 250 दर्ज किया जबकि यह अधिकतम 320 तक रहा। ऐसे में नागरिक अस्पताल में अस्थमा रोगियों की संख्या बढ़ गई है। जो लोग पहले ही अस्थमा की बीमारी से जूझ रहे हैं, उनको तो और ज्यादा परेशानी हो रही है। पिछले कई दिन से जेडी-सात पर बनी सड़क पर धूल उड़ रही थी। मंगलवार को यहां पानी का छिड़काव किया गया।
पिछले बुधवार से ही वायु प्रदूषण में बढ़ौतरी हुई है। उससे पहले वायु प्रदूषण बढ़ तो गया था, लेकिन स्वास्थ्य के लिए हानिकारक नहीं था। उसके बाद से लगातार वायु प्रदूषण बढ़ रहा है। शुक्रवार को वायु प्रदूषण का सूचकांक 400 तक पहुंच गया था। इससे लोगों को खासी परेशानी हुई थी। उसके बाद से वायु प्रदूषण कुछ कम तो जरूर हुआ, लेकिन अभी भी स्वास्थ्य के लिए हानिकारक बना हुआ है।
अस्थमा रोगियों के लिए खतरनाक
नागरिक अस्पताल के फिजिशियन डॉ. नरेश वर्मा ने कहा कि इस समय वायु प्रदूषण काफी बढ़ गया है। वायु प्रदूषण के कारण अस्थमा रोग बढ़ने की संभावना है। जो लोग पहले से ही अस्थमा के रोगी है, उनको खास ध्यान रखने की जरूरत है। ऐसे मरीजों को घर से बाहर नहीं निकलना चाहिए। इसके अलावा सुबह व शाम की सैर से भी बचना चाहिए। बीमार लोगों को मुंह पर मास्क लगाकर बाहर निकलना चाहिए। इसके अलावा यदि छाती में दर्द हो और सांस लेने में परेशानी हो तो तुरंत चिकित्सक को दिखाना चाहिए।
वायु प्रदूषण को कम करने के लिए सभी प्रकार के मापदंड अपनाए जा रहे हैं। शहर में सड़कों पर पानी का छिड़काव किया जा रहा है। लोगों को आग लगाने से बचना चाहिए। अधिक धुआं छोड़ने वाले वालों को चालान भी किए जा रहे हैं। मापदंडों के अनुसार ही वाहन चलाने चाहिए। -मोहम्मद इमरान रजा, डीसी