फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

सरकार के स्कूल बंद करने के फैसले के विरोध में निजी स्कूल संचालकों ने किया प्रदर्शन, स्कूल खोलने पर की जाएगी कार्रवाई

विज्ञापन
गोहना रोड पर लघु सचिवालय परिसर के पास खड़ी प्राइवेट स्कूल संचालकों की बसें। संवाद - फोटो : Jind
विज्ञापन
कोरोना संक्रमण के कारण सरकार द्वारा पहली से आठवीं कक्षा तक के स्कूल बंद करने के आदेश जारी किए गए हैं। वहीं निजी स्कूल संचालक इन आदेश के खिलाफ आंदोलन कर रहे हैं। वीरवार को निजी स्कूल संचालकों ने शहर में प्रदर्शन कर डीसी डॉ. आदित्य दहिया को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। इसमें स्कूल बंद नहीं करने की मांग की गई।
विज्ञापन

गौरतलब है एक सप्ताह पहले ही निजी स्कूल संचालकों ने सरकार के फैसले का विरोध करने का फैसला लिया था। एलान किया था कि यदि सरकार ने पहली से आठवीं कक्षा तक के स्कूल खोलने को अनुमति नहीं दी तो वीरवार को आंदोलन किया जाएगा। इसके चलते निजी स्कूल संचालक व शिक्षक सुबह नेहरू पार्क में एकत्रित हुए और लघु सचिवालय परिसर तक प्रदर्शन करते हुए नारेबाजी की। डीसी डॉ. आदित्य दहिया को ज्ञापन के माध्यम से पहली से आठवीं कक्षा के स्कूल खोले जाने की मांग की। डीसी डॉ. आदित्य दहिया ने शिक्षकों को उनकी मांग मुख्यमंत्री तक पहुंचाने का आश्वासन दिया।
प्राइवेट स्कूल एसोसिएशन के प्रदेश उपाध्यक्ष वजीर ढांडा ने कहा कि छह महीने से स्कूल लगे हुए थे, लेकिन उस समय किसी भी विद्यार्थी को कोरोना संक्रमण नहीं हुआ। 18 साल से कम बच्चों के लिए अभी तक टीकाकरण का भी प्रावधान नहीं है। आठवीं तक के स्कूलों को बंद करने का फैसला पूरी तरह से तुगलकी है। ब्लॉक प्रधान नरेंद्र वत्स ने कहा कि विवाह समारोह में 200 लोगों, शोकसभा में 50 लोगों के होने की अनुमति सरकार द्वारा दी गई है। सरकारी कार्यालय में 50 प्रतिशत स्टाफ के साथ काम हो रहा है तो फिर स्कूल 50 प्रतिशत छात्रों के साथ क्यों नहीं खुल सकते। जिले भर में 450 से अधिक प्राइवेट स्कूल हैं। शिक्षकों व विद्यार्थियों की सुविधा के लिए सरकार को दोबारा से स्कूल खोलने चाहिए।
विज्ञापन

उचाना में फेडरेशन ऑफ प्राइवेट स्कूल वेलफेयर एसोसिएशन की अगुवाई में रोष प्रकट किया गया। तहसीलदार रामशरण शर्मा के माध्यम से सीएम मनोहर लाल के नाम ज्ञापन भेजकर 30 अप्रैल तक स्कूलों को कोविड-19 सुरक्षा मानकों के तहत बंद रखने के लिए जारी किए गए आदेश पर पुनर्विचार करने की मांग की। प्राइवेट स्कूल संघ हरियाणा के प्रदेश महासचिव राजेश मौण ने कहा कि प्रत्येक गांव के अंदर शुक्रवार से प्राइवेट स्कूल संचालक ग्रामीणों को साथ लेकर रोष रैली आठवीं तक स्कूल बंद करने पर निकालेंगे। प्रदेश सरकार हमारी मांग पर गौर करते हुए पहली से आठवीं तक के स्कूलों को खोलने की अनुमति दे तो यह प्रदर्शन रुक सकता है। सरकार अगर नहीं मानती है तो यह प्रदर्शन गांव के कौने-कौने तक जाएगा। गांव में स्कूल संचालक, स्टाफ सदस्य, विद्यार्थियों व अभिभावकों को साथ में लेकर हाथों में तख्तियां लेकर अपने प्रदर्शन को जोरदार तरीके से निकालें। जिस तरह से अन्न आंदोलन चला था, इस तरह से अब यह जन आंदोलन हमें बनाना है।
इस मौके पर संजय शर्मा, राजेश चहल, रामचंद्र अत्री, हरदीप श्योकंद, बलजीत काकड़ोद, अजीत गौतम,, अनिल डोहाना खेड़ा, सुरेश वशिष्ठ, सुनील पालवां, राजू मित्तल, रामनिवास काकड़ोद, अशोक दुर्जनपुर, विकास खटकड़, मुकेश शर्मा, चरण सिंह गिल, शिव कुमार, रामबीर शास्त्री, सुरेंद्र कुमार, सुनील खटकड़, बिजेंद्र आर्य, वीरेंद्र बूरा, नरेंद्र खटकड़, राकेश श्योकंद, अशोक शर्मा, साधुराम, सुरेश कुमार, अनूप शर्मा, दिलबाग सिंह, रमेश गिल, प्रमोद बूरा, राकेश नैन, धर्मपाल मौजूद रहे।
डीईईओ कार्यालय पर जड़ेंगे ताला
सरकार से स्कूल खोलने की मांग की जा रही है, लेकिन उसने स्कूलों को बंद करने का फैसला लिया है। ऐसे में आंदोलन किया जा रहा है। शुक्रवार को सुबह दस बजे डीईईओ कार्यालय को ताला लगाया जाएगा।
पुरुषोत्तम शर्मा, प्रधान, जींद प्राइवेट स्कूल संघ।
खंड शिक्षा अधिकारी को ज्ञापन सौंपकर स्कूल खोलने की मांग
जेबीएम शिक्षण संस्थान में प्राइवेट स्कूल एसोसिएशन की बैठक का आयोजन खंड प्रधान मनदीप दूहन की अध्यक्षता में हुई। मनदीप कुमार ने कहा कि सरकार कोविड का बहाना बनाकर निजी स्कूलों को तोड़ने का प्रयास कर रही है। एक ओर तो रैलियों में लाखों की भीड़ उमड़ रही है, वहीं दूसरी ओर स्कूलों को बंद किया जा रहा है। सरकार बच्चों की शिक्षा और भविष्य के प्रति गंभीर नहीं है। स्कूल संचालकों ने बीईओ शिव नारायण को ज्ञापन सौंपकर स्कूल खोलने की मांग की। स्कूल संचालकों ने कहा कि अगर सरकार उनकी मांगों को नहीं मानती है तो सभी स्कूल संचालक सड़क पर उतरकर सरकार के खिलाफ आंदोलन करेंगे। इस मौके पर विरेंद्र ढ़ाडा, जितेंद्र ढांडा, विनोद, रामबीर व वेदपाल भी मौजूद रहे।
नरवाना में प्रदर्शन कर शिक्षा मंत्री के नाम एसडीएम को सौंपा ज्ञापन
फेडरेशन ऑफ प्राइवेट स्कूल वेलफेयर एसोसिएशन ने वीरवार को 30 अप्रैल तक स्कूलों को कोविड-19 सुरक्षा मानकों के तहत बंद करने के लिए जारी किए गए आदेशों पर पुनर्विचार करने के लिए सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया। प्रदर्शन कस्बे के हुडा ग्राउंड से लघु सचिवालय तक प्रदर्शन किया गया। इसकी अध्यक्षता ब्लॉक प्रधान सतीश ने की। प्रदर्शन के बाद एसोसिएशन के सदस्यों ने एसडीएम को स्कूल खुलवाने को लेकर शिक्षा मंत्री कंवर पाल गुज्जर के नाम एक ज्ञापन पत्र सौंपा। फेडरेशन ऑफ प्राइवेट स्कूल वेलफेयर एसोसिएशन राष्ट्रीय प्रधान कुलभूषण शर्मा ने कहा कि सरकार ने स्कूलों को बंद करने के आदेश जारी कर छात्रों के भविष्य को खराब करने का काम किया है।
स्कूलों को बंद करने की बजाय सहायता करें सरकार
जिला प्रधान सतपाल जागलान ने कहा कि महामारी के कारण आए वित्तीय संकट से निपटने के लिए सरकार स्कूलों की वित्तीय सहायता करें। हाल ही में तेलंगाना सरकार ने निजी स्कूलों के शिक्षक और गैर शिक्षक कर्मचारियों के लिए दो हजार रुपये व 25 किलोग्राम चावल के राहत पैकेज की घोषणा की है। इसी प्रकार प्राइवेट स्कूल भी हरियाणा सरकार से मांग करती है कि निजी स्कूलों के शिक्षक व गैर शिक्षक कर्मचारियों को तीन हजार रुपये की सहायता राशि राहत के रूप में दें।
निजी स्कूल संचालकों ने मांगों को लेकर खंड शिक्षा अधिकारी अलेवा के माध्यम से मुख्यमंत्री के नाम सौंपा ज्ञापन
प्रदेश सरकार द्वारा पहली से आठवीं कक्षा तक स्कूल बंद के आदेशों के विरोध स्वरूप फे डरेशन ऑफ प्राईवेट स्कूल वेलफेयर एसोसिएशन हरियाणा के आह्वान पर निजी स्कूलों संचालकों ने वीरवार को अपनी मांगों को लेकर खंड शिक्षा अधिकारी अलेवा सुरेश जोजवान के माध्यम से मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। जिसकी अध्यक्षता प्राइवेट स्कूल संघ ब्लॉक अलेवा के प्रधान कृष्ण ढांडा ने की।

एसडीएम को ज्ञापन देते निजी स्कूल संचालक व अध्यापक। संवाद- फोटो : Jind

प्राइवेट स्कूल संघ हरियाणा के प्रदेश महासचिव राजेश मौण प्राइवेट स्कूल संचालकों व स्टाफ सदस्यों- फोटो : Jind

मांगों को लेकर लघु सचिवालय परिसर में नारेबाजी करते शिक्षक। संवाद- फोटो : Jind

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें