जींद। आगामी मानसून को देखते हुए जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग ने शहर की सीवर व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए व्यापक योजना तैयार की है। विभाग द्वारा 26.72 लाख रुपये की लागत से क्षतिग्रस्त सीवर लाइनों, मैनहोल और सफाई उपकरणों के रखरखाव का कार्य कराया जाएगा। इसके लिए पांच जून को टेंडर की बिड खोली जाएगी।
शहर के कई क्षेत्रों में पुरानी स्टोनवेयर पाइप लाइनें क्षतिग्रस्त हो चुकी हैं। कई स्थानों पर पाइपों के टूटने और अवरुद्ध होने के कारण सीवर का गंदा पानी वापस सड़कों और गलियों में आ जाता है। समस्या के समाधान के लिए क्षतिग्रस्त पाइप लाइनों की मरम्मत और आवश्यक स्थानों पर उन्हें बदलने का कार्य किया जाएगा। इसके अलावा अधिक जल निकासी क्षमता वाली प्रबलित सीमेंट कंक्रीट पाइप लाइनों का भी रखरखाव किया जाएगा ताकि बरसात के दौरान जलभराव की स्थिति उत्पन्न न हो।
अभियान के तहत शहर के विभिन्न हिस्सों में सीवर मैनहोल की मरम्मत, टूटे हुए ढक्कनों को बदलने तथा खतरनाक स्थिति में पहुंच चुके मैनहोल को सुरक्षित बनाने का कार्य भी किया जाएगा। इससे दुर्घटनाओं की आशंका कम होगी और आमजन को राहत मिलेगी।
विभाग ने सीवर सफाई व्यवस्था को भी अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में कदम बढ़ाए हैं। यांत्रिक खराबी के कारण बंद पड़ी उच्च दबाव सीवर सफाई मशीनों की मरम्मत और नियमित रखरखाव की व्यवस्था की जा रही है। मशीनों के सुचारु रूप से चलने के बाद सीवर लाइनों में जमी मिट्टी और ठोस कचरे को तेजी से हटाया जा सकेगा। इससे उन संकरी गलियों में भी सफाई कार्य आसान होगा, जहां सामान्य तरीके से सफाई करना चुनौतीपूर्ण रहता है।
वर्जन
इस कार्य को बेहतर तरीके से किया जाएगा। साथ ही जहां खुदाई की जाएगी, वहां कार्य पूरा होने के बाद तुरंत भराव सुनिश्चित किया जाएगा ताकि यातायात प्रभावित न हो। इस विशेष अभियान के बाद शहर में सीवर जाम, ओवरफ्लो और जलभराव की समस्याओं में कमी आएगी और स्वच्छता व्यवस्था और बेहतर होगी।
-भानू प्रकाश, एक्सईन जनस्वास्थ्य विभाग जींद।