रामलीला मंचन के लिए मंच को तैयार करवाते प्रधान बॉबी जिंदल। संवाद।
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जींद। जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय के साथ प्राथमिक पाठशाला मैदान में होने वाली रामलीला शहर की सबसे प्राचीन रामलीला है। रामलीला कमेटी प्रधान बॉबी बताते हैं कि इसी रामलीला से निकले कलाकारों ने मंडी वाली रामलीला, सैनी रामलीला व किले वाली रामलीला भी शुरू की है। हालांकि इनमें मंडी वाली रामलीला का मंचन अब बंद हो चुका है। रामलीलाओं का मंचन शुरू हो गया है।
पिछले 40 साल से रामलीला से जुड़े कलाकार दीपक शर्मा बताते हैं कि वे तब दसवीं कक्षा में थे। उन्होंने रामलीला में कई भूमिकाएं निभाईं। प्राथमिक पाठशाला वाली रामलीला की सबसे विशेष बात यही रही कि यहां किसी भी प्रकार के आडंबर के लिए कोई जगह नहीं है। कलाकार से लेकर निर्देशक तक सभी बिना पैसे के काम करते हैं। दीपक शर्मा बताते हैं कि यहां लोगों का जुड़ाव सिर्फ धार्मिक आस्थाओं से है।
सभी कलाकार कारोबारी
रामलीला में 25 लोग मंच पर मुख्य भूमिका में रहते हैं। यह सभी अपना व्यवसाय करते हैं। कुछ लोग नौकरी भी करते हैं। इसके बावजूद समय निकालकर पिछले करीब 20 दिन से रिहर्सल कर रहे हैं। रामलीला कमेटी के कोषाध्यक्ष पंकज भारद्वाज बताते हैं कि रामलीला में राम की भूमिका निभाने वाले रमेश शर्मा अपना काम करते हैं। रावण का किरदार निभाने वाले सन्नी रोहतक में नौकरी करते हैं। हनुमान बनने वाले गोविंद का स्टील वेल्डिंग का व्यवसाय है। वहीं लक्ष्मण की भूमिका में मंच पर रहने वाले शिव प्लास्टिक के बर्तनों का काम करते हैं। रामलीला कमेटी के प्रधान बॉबी जिंदल के अनुसार पिछले साल कोरोना संक्रमण के चलते रामलीला का मंचन नहीं हो सका। ऐसे में सिर्फ रामायण पाठ करवाया गया। इस बार हालांकि कोरोना संक्रमण का असर नहीं है, लेकिन कमेटी ने इसे गंभीरता से लिया है। ऐसे में रामलीला के मंचन के दौरान मास्क व सैनिटाइजर की विशेष व्यवस्था रहेगी। साथ ही मंच से राम की भूमिका में रमेश शर्मा लोगों को कोरोना से बचाव के लिए जागरूक भी करेंगे।