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पौली के किसान ने कृषि कानूनों के विरोध में जोती डेढ़ एकड़ गेहूं की फसल

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पौली गांव में गेहूं की फसल की जुताई करता किसान। संवाद - फोटो : Jind
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कृषि कानूनों के विरोध और मेरी फसल मेरा ब्योरा पोर्टल पर फसल का पंजीकरण नहीं होने से नाराज पौली गांव के एक किसान ने अपनी डेढ़ एकड़ गेहूं की फसल को ट्रैक्टर चलाकर जोत दिया। किसान ने कहा कि वह केवल अपने घर के खर्च के लिए ही गेहूं रखेगा, बाकी फसल को नष्ट कर देगा। सरकार को गेहूं का एक दाना नहीं देगा।
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पौली गांव निवासी जयभगवान ने बताया कि उसने छह एकड़ में गेहूं की बिजाई की हुई है। वह केवल दो एकड़ गेहूं की फसल को अपने घर के खर्च के लिए रखेगा, बाकी को नष्ट कर देगा। क्योंकि अभी तक उसकी फसल का पंजीकरण नहीं हो पाया है। वह कई बार पंजीकरण के लिए सरकारी कार्यालयों का चक्कर काट चुका है, लेकिन उसकी फसल का पोर्टल पर पंजीकरण नहीं हो पाया है। अगर पंजीकरण नहीं होगा तो वह अपनी फसल को मंडी में कैसे बेच पाएगा।
पौली गांव के किसानों का फसल पंजीकरण नहीं हो पा रहा
पौली गांव की जमीन का रिकॉर्ड पुरानी इस्तेमाल के अनुसार होने के कारण मेरी फसल मेरा ब्योरा पोर्टल पर पंजीकरण नहीं हो पा रहा है। इसको लेकर ग्रामीण मार्केट कमेटी, सीएससी केंद्र और तहसील कार्यालयों के चक्कर काट रहे हैं। गांव में मार्केट कमेटी कार्यालय द्वारा मुनादी भी करवाई गई है कि सभी किसान अपनी फसल का पंजीकरण जल्द करवाएं, ताकि उनको फसल बेचने में किसी तरह की समस्या न हो। लेकिन जब पोर्टल पर पंजीकरण ही नहीं हो पा रहा है तो किसान पंजीकरण कैसे करवाएं।
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पौली गांव सहित छह गांवों की समस्या थी। पांच गांवों की जमीन की जांच हो चुकी है। पौली गांव की जमीन को पटवारी द्वारा ठीक किया जा रहा है। इसके बाद पंजीकरण का काम सुचारु रूप से हो पाएगा।
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प्रतीक, नायब तहसीलदार, जुलाना।
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