तस्करों के साथ मिलकर 18 दिसंबर 2020 को 398 किलोग्राम डोडापोस्त की हेराफेरी करने के मामले में नारकोटिक्स ब्यूरो करनाल की टीम ने हिसार जिले के गांव कापड़ो निवासी सिपाही अनूप को गिरफ्तार कर लिया है। अनूप सिंह जींद सीआईए में तैनात था। लेकिन मामला सामने आने पर उसे निलंबित कर दिया गया था। इस मामले में दो अन्य पुलिसकर्मियों के खिलाफ भी केस दर्ज है, लेकिन वे अभी फरार हैं।
पुलिसकर्मियों पर आरोप है कि डोडापोस्त पकड़ने गई सीआईए की टीम में शामिल अन्य कर्मचारियों के साथ मिलकर अनूप ने 398 किलोग्राम डोडापोस्त को ट्रक में ही छोड़ने के साथ ट्रक में सवार करनाल जिले के गांव ललियानी निवासी अमनदीप को छोड़ दिया था। 18 दिसंबर 2020 को सीआईए स्टाफ के एएसआई प्रवीन व जयबीर ने उचाना के निकट 414 किलोग्राम डोडा पोस्त के साथ गांव पालवां निवासी जगरूप को गिरफ्तार किया था। उसकी निशानदेही पर नरवाना से करनाल जिले के गांव ईदगा निवासी राकेश को ट्रक सहित काबू किया था। नारकोटिक्स ब्यूरो की टीम को सीआईए स्टाफ की जांच पर शक हुआ। उन्होंने उचाना थाने में खड़े ट्रक की तलाशी ली तो उसमें 398 किलोग्राम डोडा पोस्त बरामद हुआ। इसके बाद से इसकी जांच नारकोटिक्स ब्यूरो ने भी शुरू की थी। इस मामले में अब तक तीन पुलिसकर्मियों सहित कुल दस लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। इसमें से सात लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है।
जांच कर रहे सीआईए कर्मियों ने ट्रक में छोड़ा था डोडा पोस्त
मामले की जांच कर रहे पुलिसकर्मियों ने मिलीभगत करके ट्रक मालिक अमनदीप को छोड़ दिया था और ट्रक में बचे 398 किलोग्राम डोडापोस्त को ट्रक की जमानत करवाने के साथ छोड़ना था। इसके लिए सीआईए कर्मियों ने अमनदीप से दस लाख रुपये की मांग की थी।
फरार दोनों पुलिसकर्मियों को शीघ्र किया जाएगा गिरफ्तार
सिपाही अनूप को गिरफ्तार कर लिया गया है, जबकि एएसआई प्रवीन और जयबीर फरार हैं। उनकी गिरफ्तारी के लिए दबिश दी जा रही है। अब तक इस मामले में सात आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। अन्य आरोपियों को भी जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
राजेश कुमार, डीएसपी, नारकोटिक्स ब्यूरो, मधुबन।