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रतनदीप के गांव में पुलिस की दबिश

Sat, 20 Sep 2014 01:21 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, जींद
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पंजाब पुलिस द्वारा पाकिस्तान आधारित भिंडरांवाले टाइगर फोर्स ऑफ खालिस्तान के प्रमुख रतनदीप सिंह की गिरफ्तारी के बाद उसके गांव में पुलिस गतिविधियां बढ़ गई हैं।
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शुक्रवार सुबह दिल्ली, पंजाब और यूपी सहित कई अन्य राज्यों की पुलिस ने गांव में दबिश दी। ग्रामीणों का कहना है कि पुलिस ने कुछ युवकों को हिरासत में लिया है, लेकिन स्थानीय पुलिस इसकी पुष्टी नहीं कर रही है।

क्षेत्र के छोटे से गांव में पले बढ़े रतनदीप के बारे में परिजन बात करने तक को तैयार नहीं है। वहीं गांव के लोग भी कोई जानकारी देने से बच रहे हैं। गांव में आने वाले हर इंसान को शक की नजर से देखा जाता है।
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ग्रामीणों का कहना है कि यहां खुफिया तंत्र काफी सक्रिय है, इसलिए किसी बाहरी व्यक्ति से बात करने से लोग बचते हैं। ग्रामीणों के अनुसार शुक्रवार को पुलिस ने असंध डेरा (खेत में कुछ मकानों का समूह) वालों से पूछताछ की है।

सूत्रों के अनुसार पंजाब पुलिस को जांच के दौरान सूचना मिली थी कि जहां से रतनदीप सिंह को गिरफ्तार लिया गया है, वहीं यूपी गोरखपुर निवासी शमशेर के रिश्तेदार रहते हैं। बताया जा रहा है कि कई साल पहले शमशेर ने रतनदीप की अपने रिश्तेदारों के साथ जान पहचान करवाई थी।

गौरतलब है पंजाब पुलिस ने पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़ में कई साले पहले हुई आतंकी वारदातों से संबधित मामलों में वांछित इस आतंकवादी को पूर्वी उत्तर प्रदेश के गोरखपुर के पास से बुधवार को गिरफ्तार किया है।

1999 में पुलिस के साथ हुए मुकाबले के बाद हिरासत से फरार होने और 1996 तथा 2000 में जींद जिले से हथियारों एवं आपत्तिजनक सामग्री की बरामदगी जैसे मामलोें में उसकी तलाश थी।

रतनदीप पर 2011 में 10 लाख रुपये का ईनाम रखा गया था। रतनदीप पर जींद के सफीदों में तीन केस दर्ज हैं और पुलिस को उसकी तलाश थी।

कराटे और एक्शन फिल्मों का शौकीन है रतन दीप
पहचान सार्वजनिक नहीं करने की शर्त पर रतनदीप के बचपन के एक साथी ने बताया कि रतनदीप ने अपने पढ़ाई 1989 में आठवीं कक्षा तक गांव रोहड़ के ही राजकीय माध्यमिक विद्यालय से की। इसके बाद उसने अंसध से शिक्षा ग्रहण की। बताया जाता है कि रतनदीप को स्कूल में आठवीं कक्षा की पढ़ाई के दौरान ही गाना गाने के साथ-साथ कराटे करने और एक्शन फिल्में देखने का शौक था।

आतंकवादी बनने पहले की खेती
ग्रामीणों के अनुसार रतनदीप 24 वर्षीय की आयु में ही अन्य राज्यों और विदेशों में घूमने जाने लगा था। जब रतनदीप 24 साल को था तो उन्होंने कनाडा से आने के बाद गांव में डेरे पर सब्जी की खेती भी की। खेती करते-करते एक समय ऐसे भी आया कि पुलिस द्वारा डेरे पर रेड की गई, लेकिन रतनदीप सिंह वहंा से भाग निकला। बताया जाता है कि उसके बाद पुलिस ने गांव अफतागढ़ में एक चौकी बना दी। जिसके बाद वह कभी गांव नहीं आया।

रतनदीप की गिरफ्तारी की सूचना अभी सिर्फ अखबारों से मिली है। आधिकारिक सूचना आने के बाद पुलिस पूछताछ के लिए कानूनी प्रक्रिया अपनाएगी। सफीदों में रतनदीप के खिलाफ तीन-चार केस दर्ज हैं। दूसरे राज्यों की पुलिस आने की सूचना मुझे नहीं है।
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श्यामलाल, डीएसपी सफीदों
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