11जेएनडी29: धरना देने पहुंची महिलाओं को रोकती पुलिस। समाज
नरवाना। उझाना गांव में एससी समाज का धरना अब उग्र रूप धारण कर चुका है। 21 जुलाई से आंबेडकर भवन में डटे एससी समाज के लोगों ने सोमवार को रविदास धर्मशाला पहुंचकर वहां धरना देने का प्रयास किया लेकिन पुलिस ने धरनास्थल से हटा दिया। महिलाओं को धर्मशाला के अंदर जाने नहीं दिया। बाद में उन्हें पुलिस ने बस में बैठाकर वापस रवाना कर दिया गया।
एससी समाज का आरोप है कि वर्ष 1983-84 में इंदिरा गांधी आवास योजना के तहत गांव के पात्र गरीब परिवारों को 100-100 गज के प्लॉट आवंटित किए गए थे लेकिन मिलीभगत कर उन्हें केवल 90 गज के ही प्लॉट दिए गए।
बाकी की लगभग 10 मर्ले जमीन को सामूहिक कार्यों के लिए सुरक्षित रखा गया था लेकिन कुछ लोगों ने उस पर गैरकानूनी तरीके से पटवार भवन बना लिया जिसे सरकार ने बाद में राजस्व विभाग को सौंप दिया।
उनकी मांग है कि उस बची हुई जमीन पर एससी समाज के लिए सामूहिक भवन बनाया जाए जहां वह अपने सामाजिक और पारिवारिक कार्यक्रम कर सकें।
इसी को लेकर पिछले दिनों समाज के लोगों ने एसडीएम कार्यालय के बाहर प्रदर्शन कर दिल्ली कूच की चेतावनी भी दी थी। सोमवार को जब महिलाएं और पुरुष बड़ी संख्या में रविदास धर्मशाला पहुंचे तो पुलिस ने उन्हें वहीं रोक दिया।
इस संबंध में शहर थाना प्रभारी ईश्वर सिंह ने बताया कि सार्वजनिक स्थल जैसे मंदिर, धर्मशाला, पैलेस आदि में धरना देने की अनुमति नहीं होती। यह स्थान सामाजिक कार्यक्रमों के लिए होते हैं। यदि किसी को धरना देना है तो प्रशासन से अनुमति लेकर निर्धारित स्थल पर ही किया जा सकता है।
लोगों का कहना है कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होती, उनका आंदोलन जारी रहेगा। प्रशासन से नाराजगी जताते हुए उन्होंने चेतावनी दी है कि आने वाले दिनों में वह अपने आंदोलन को और तेज करेंगे।