थानों व चौकियों में तैनात जांच अधिकारियों ने अगर शिकायत लेकर आने वाले लोगों से स्टेशनरी मांगी तो उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। इसके लिए एसएसपी शशांक आनंद ने सोमवार को जिले के सभी थानों व चौकियों में आदेश जारी कर दिए है। अब सभी जांच अधिकारियों को स्टेशनरी विभाग की तरफ से जारी की जाएगी, हालांकि पहले विभाग की तरफ से पुलिस कर्मचारियों को कागजी कार्रवाई करने के लिए स्टेशनरी जारी नहीं की जाती थी। आम जनता से ही पुलिस कर्मचारी स्टेशनरी की डिमांड करते थे।
अक्सर देखने को मिलता था कि अगर किन्हीं कारणों से किसी व्यक्ति की मौत हो जाती थी तो पुलिस कर्मचारी उनके साथ आए लोगों से ही कागजी कार्रवाई करने के लिए स्टेशनरी की डिमांड कर देते थे। जोकि उस समय सभी लोगों को नागवार गुजरती थी। लेकिन एसएसपी शशांक आनंद के पास इस तरह की प्रतिक्रिया पहुंची तो उन्होंने आदेश जारी किए जांच अधिकारियों को स्टेशनरी विभाग की तरफ से जारी की जाए। अगर जांच अधिकारी को स्टेशनरी की जरूरत है तो इसके बारे में तुरंत विभाग के संबंधित अधिकारी को सूचित करे और स्टेशनरी प्राप्त कर सकता है। स्टेशनरी विभाग से जारी होने से जहां पुलिस के जांच अधिकारियों को भी राहत मिलेगी, क्योंकि पुलिस कर्मचारियों की विकट परिस्थितियों में स्टेशनरी आम जनता से डिमांड करने पर शर्मिंदा होना पड़ता था और आम जनता पर उनकी छवि बुरी बन रही थी।
विभाग से जारी नहीं होती थी स्टेशनरी
जिले में किसी भी थाने व चौकी में विभाग की तरफ से स्टेशनरी जारी नहीं होती थी। स्टेशनरी जारी नहीं होने के कारण कई बार पुलिस कर्मचारी को अपनी जेब से ही खरीदना पड़ता या थाना व चौकियों में किसी कार्य के लिए आने वाले आम जनता से पुलिस कर्मचारी पहले स्टेशनरी लाकर देने व बाद में उनका कार्य करने की बात कहते थे। जोकि किसी न किसी रुप में भ्रष्टाचार को बढ़ावा देती थी। लेकिन विभाग से स्टेशनरी जारी नहीं होने के चलते पुलिस कर्मचारी भी आम जनता से स्टेशनरी की डिमांड करने पर मजबूर थे।
डीजीपी के सामने भी उठा था मामला
पिछले दिनों डीजीपी केपी सिंह द्वारा जींद में पुलिस व पब्लिक सम्मेलन में भाग लिया था। इस दौरान पब्लिक की तरफ से सवाल उठाया गया था कि कई बार पुलिस कर्मचारी पोस्टमार्टम कार्रवाई व एफआईआर दर्ज करने के लिए मृतक के परिजनों से ही स्टेशनरी मांग लेते है। ऐसे में दुख की घड़ी में स्टेशनरी मांगने से आम जनता में पुलिस की छवि धूमिल हो रही है। हालांकि पुलिस-पब्लिक सम्मेलन में इस मामले को गंभीरता से नहीं लिया, लेकिन हाल में जींद में आए एसएसपी शशांक आनंद ने अपने स्तर पर ही इस मामले को गंभीरता से लिया और स्टेशनरी आम जनता से लेने की बजाए विभाग से जारी करने के आदेश दिए।
एसएसपी शशांक आनंद ने कहा कि उनको पता चला की थाना व चौकियों में आम जनता से स्टेशनरी मांगी जा रही है। इसका पता चलते ही उन्होंने तुरंत ही आम जनता से स्टेशनरी लेना बंद करने के आदेश दिए और जांच अधिकारियों को विभाग से ही स्टेशनरी जारी करने के आदेश दिए। अगर अब पुलिस कर्मचारी आम जनता से स्टेशनरी की डिमांड करता है तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। स्टेशनरी की डिमांड की जाती है तो तुरंत ही इसके बारे में सूचित करे।