यूक्रेन से वापस आई वार्ड नंबर पांच निवासी सोनिया परिवार के साथ।
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शहर के वार्ड नंबर पांच निवासी सोनिया पुत्र दयानंद पांचाल यूक्रेन के शहर लवी में एमबीबीएस की पढ़ाई करने गई हुई थी। यहां पर उसका चौथा साल एमबीबीएस की पढ़ाई का था। घर सकुशल लौटने पर पूरे परिवार की खुशी का ठिकाना नहीं रहा। निरंतर पूरा परिवार सोनिया के साथ मैसेज के माध्यम से टच में रहा। बुधवार देर शाम को सोनिया घर पहुंची।
सोनिया ने बताया कि 22 फरवरी को टैक्सी से पोलैंड बॉर्डर के लिए निकली तो रास्ते में जाम के चलते पैदल ही निकलना पड़ा। करीब 75 किलोमीटर का रास्ता पैदल चल कर तीन दिन में तय किया। यहां पर खाना भी नहीं मिल रहा था। वीरवार शाम को पोलैंड बॉर्डर पहुंचने के बाद राहत की सांस ली। केंद्र सरकार की तरफ से जो दूतावास में वहां पर महिला अधिकारी थी उन्होंने बॉर्डर क्रास कराने में पूरी सहायता की। रूस के हमले वाले ठिकानों से दूर ओर सुरक्षित होने के बाद भी वह बेहद डरी हुई थी। हर समय यही डर रहता था कि पता नहीं कब हमला हो जाए। घर आकर चैन की सांस ली है। दयानंद पांचाल ने बताया कि जब तक बेटी घर नहीं आई पूरे परिवार की सांस में सांस अटकी रही। रूस द्वारा यूक्रेन में निरंतर हमले किए जा रहे है जिससे वहां स्थिति भयानक बनी हुई है।