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पड़ोस में बंटता रहा जहर, कुछ लोगों को आभस होने के बाद भी नहीं दी जानकारी

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जयनारायण के घर के बाहर जुटे लोग। अमर उजाला ब्यूरो - फोटो : Jind
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पडाना गांव में विषाक्त लस्सी पीने से हुई दो लोगों की मौत के मामले में अगर थोड़ी सी समझदारी दिखाई जाती तो लोगों की जान बचाई जा सकती थी। लेकिन किसी को इस बात का आभास भी नहीं था कि लस्सी का कड़वापन जहरीला हो सकता है। इसके चलते दो लोगों की मौत हो गई और दो जिंदगी और मौत के बीच जूझ रहे हैं। हालांकि पांच लोग पूरी तरह से खतरे से बाहर हैं।
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दरअसल पडाना निवासी छोटू के घर में बनी लस्सी कई लोग पीते हैं। गांवों में पड़ोस से आसानी से लस्सी मिल जाती है। प्रतिदिन काफी लोग यहां से लस्सी ले भी जाते थे, लेकिन वीरवार को यह भारी पड़ गया। सबसे पहले छोटू के पड़ोसी खुशीराम ने लस्सी पी। खुशीराम ने बताया कि करीब सुबह आठ बजे उसने घर आते ही गिलास में लस्सी डालकर नमक मिलाकर पीने लगा। पहला घूंट पीने पर उसे लस्सी काफी कड़वी लगी। इसके बाद लस्सी छोड़ दी। इस पर उसकी मां ने कहा कि उसे वैसे ही लस्सी कड़वी लग रही है। इस पर खुशीराम ने एक और घूंट पी। खुशीराम को लस्सी ठीक नहीं लगी। इस पर उसने लस्सी गिरा दी। परिवार के अन्य लोगों से भी कहा कि वे लस्सी न पीयें।
दुकान पर जाते ही बिगड़ी तबीयत
खुशीराम के अनुसार वह टेलर का काम करता है। लस्सी छोड़कर गांव में ही बनी अपनी दुकान पर चला गया। इसके बाद उसे दस्त व उल्टी शुरू हो गई। वह तुरंत चिकित्सक के पास गया और इलाज के बाद घर आ गया। वहीं रोहताश व उसकी पत्नी मंजू को भी इलाज के लिए जींद के नागरिक अस्पताल ले जाया गया। यहां से रोहताश को पीजीआई रोहतक रेफर कर दिया गया, जबकि मंजू को प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई।
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जयनारायण ने शाम करीब चार बजे पी थी लस्सी
परिजनों के अनुसार जयनारायण ने शाम करीब चार बजे लस्सी पी थी। इसके बाद उसे उल्टी व दस्त शुरू हो गई। इसके बाद लोगों को आभास हुआ कि लस्सी में जहर हो सकता है। इससे पहले किसी को भी इसका आभास नहीं हुआ। इससे पहले रोहताश, उसकी पत्नी मंजू, रोहताश का भाई राजेश उर्फ राजा, रामदिया, रविंद्र, धर्मपाल, धर्मपाल की तीन वर्षीय पौत्री प्राची भी लस्सी पी चुके थे और उनको इलाज के लिए अस्पताल ले जाया जा चुका था।
टल गया बड़ा हादसा, जिला सैनिक बोर्ड में भी आनी थी लस्सी
दरअसल रोहताश का एक भाई कर्ण सिंह सेवानिवृत्त फौजी है और वह जिला सैनिक बोर्ड में सेवारत है। कर्ण सिंह के अनुसार वह प्रतिदिन दो लीटर की बोतल में लस्सी डालकर ले जाता था। वीरवार को जल्दी जाने के चक्कर में लस्सी नहीं ले गया था। इससे बड़ा हादसा टल गया।
पोस्टमार्टम व सैंपल रिपोर्ट के बाद होगा खुलासा
फिलहाल प्रशासन को रोहताश की पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार है। वहीं प्रशासन द्वारा जांच के लिए लस्सी, इससे निकले मक्खन व तैयार किए गए घी के सैंपल लिए हैं। इससे भी पता चलेगा कि लस्सी में किस प्रकार का जहर था।
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भतेरी को आई लस्सी में बदबू तो नहीं पिया
पड़ोस की रहने वाली भतेरी ने भी इसी लस्सी में से कुछ लस्सी ली थी, लेकिन जब वह इसे पीने लगी तो इससे बदबू आई। इस पर उसने छोड़ दिया।
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