काले बिल्ले लगाकर अपने कक्ष में बैठे चिकित्सक। संवाद।
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जींद। हरियाणा सिविल मेडिकल सर्विस एसोसिएशन (एचसीएमएस) के आह्वान पर सोमवार को सरकारी अस्पताल के चिकित्सकों ने जिला प्रधान बिजेंद्र ढांडा की अध्यक्षता में काले बिल्ले लगा काम किया। चिकित्सकों ने बॉन्ड पॉलिसी के विरोध में पीजीआईएमएस में धरने पर बैठे विद्यार्थियों की मांगों का समर्थन किया।
एसोसिएशन का कहना था कि हरियाणा सरकार एमबीबीएस विद्यार्थियों से एडमिशन के समय बॉन्ड भरवा रही है, जोकि असंवैधानिक है। एसोसिएशन इसका विरोध करती है।
एचसीएमएस प्रधान डॉ. बिजेंद्र ढांडा ने कहा कि पीजीआई रोहतक में एमबीबीएस के विद्यार्थी बॉड पॉलिसी का शांतिपूर्वक विरोध कर रहे थे। उनके साथ प्रशासन ने दुव्र्यवहार किया है। इसके विरोध स्वरूप संगठन ने सात नवंबर को काले बिल्ले लगा काम किया है। एमबीबीएस विद्यार्थियों को पांच नवंबर की रात धरने से जबरन उठाना गलत है। संगठन इन प्रदर्शनकारी विद्यार्थियों के साथ है और साथ ही बॉन्ड फ्री भारत की मांग करता है। उन्होंने कहा कि बॉन्ड शर्त के चलते हरियाणा प्रदेश के एमबीबीएस छात्र अन्य प्रदेशों के मेडिकल कॉलेजों में एडमिशन लेने को मजबूर हो रहे हैं। उन्हें वित्तीय हानि के साथ-साथ मानसिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। भारतीय मेडिकल कमीशन (एनएमसी) भी इसका विरोध करता है। बॉन्ड पॉलिसी पूरी तरह से गलत है। इस पॉलिसी को तुरंत प्रभाव से रद्द किया जाए। डॉ. संदीप लोहान ने कहा कि एसोसिएशन पीजीआई के विद्यार्थियों के संघर्ष का समर्थन करती है। सरकार इस मामले में सकारात्मक कदम उठाए।