दिल्ली कूच के लिए निकले पंजाब के किसानों ने शुक्रवार शाम को पोली गांव के पास डेरा डाला। जैसे ही पोली गांव के लोगों को पता लगा कि किसान यहां पर ठहरने वाले हैं तो उन्होंने गांव में मुनादी करवाकर लोगों को इकट्ठा कर लिया। लोगों ने कहा कि गांव के पास रुके किसानों के लिए भोजन की व्यवस्था करनी है। देखते ही देखते ग्रामीणों ने आसपास के क्षेत्र में रुके 30 हजार किसानों के लिए तुरंत भोजन की व्यवस्था की। इसके अलावा किसानों ने पांच मिनट में गांव से पांच लाख रुपये चंदा भी एकत्रित किया। जिस व्यक्ति को जो कुछ भी मिला वह लेकर किसानों की सेवा में पहुंच गया।
पोली गांव के बस स्टैंड के पास अधिक संख्या में किसान रुके हुए थे। यहां पर पोली गांव के युवाओं ने भंडारा लगा दिया। युवाओं ने कहा कि जब तक यहां से किसान गुजरेंगे भंडारा चलता रहेगा। गांव के काफी युवा अपने घरों से गर्म पानी लेकर पहुंचे और बुजुर्ग किसानों को नहलाया। इसके अलावा कुछ किसानों ने स्वयं ही रोटी बनाई तो पोली गांव की महिलाओं ने साथ में आकर रोटी बनवाई। बिजली नहीं होने के कारण ग्रामीणों ने किसानों के लिए जनरेटर की भी व्यवस्था की। काफी महिलाएं जत्थे में शामिल बुजुर्ग महिलाओं को अपने घर ले गई और उन्हें नहलाकर व खाना खिलाकर वापस लाई।
पटियाला निवासी बुजुर्ग महिला सन्नो देवी ने कहा कि उनका इस प्रकार मान-सम्मान पोली गांव के लोगों ने किया है, उसको वह कभी भूल नहीं पाएंगे।
किसानों को पिलाया दूध
शनिवार सुबह पोली गांव में काफी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता भी पहुंचे। युवा नेता रोहित दलाल के नेतृत्व में युवाओं ने हर वाहन तथा आसपास बैठे लोगों को दूध पिलाया। इसके अलावा किसानों को केले भी बांटे गए। युवाओं ने किसानों को यहां पर तीन हजार लीटर दूध तथा दो हजार दर्जन केले खिलाए। जुलाना में जब केले खत्म हो गए तो जींद से केलों की गाड़ी मंगवाई गई।
ट्रैक्टरों में रखा आटा और अन्य सामग्री
जत्थे में शामिल किसानों से जब पोली गांव के लोगों ने पूछा कि उन्हें किसी चीज की जरूरत हो तो बताएं। इस पर किसानों ने कहा कि उनके पास सबकुछ है। इसके बावजूद पोली गांव के लोगों ने आटा से भरे कट्टे, सब्जी, फल, पानी के कैंपर तथा अन्य सामग्री किसानों के ट्रैक्टरों में रख दी।
एक-एक किलो बांटी मूंगफली
एक अध्यापक ने जत्थे में शामिल किसानों को कुछ सामान देने की पेशकश की, लेकिन किसानों ने लेने से मना कर दिया। इसके बाद अध्यापक को और कुछ नहीं सूझा तो उसने अपने साथियों के साथ मिलकर पांच क्विंटल मूंगफली खरीदी और एक-एक किलोग्राम के लिफाफे बनाकर हर वाहन में बैठे व्यक्ति को थमा दी। -संवाद
सुबह किसानों को चाय पिलाते पोली गांव के युवा। संवाद - फोटो : Jind
किसानों के ट्रैक्टर में आटे से भरे कट्टे रखने के लिए लेकर जाते पोली गांव के युवा। संवाद - फोटो : Jind