जींद। राजस्व विभाग के नए पोर्टल की तकनीकी खामियों के विरोध में पटवारी और कानूनगो दूसरे दिन शुक्रवार को भी धरने पर बैठे रहे। कर्मचारियों ने अपना धरना 25 तक बढ़ा दिया है। इससे राजस्व संबंधी सेवाएं प्रभावित हुई हैं।
जिले की तहसीलों में डोमिसाइल, इंतकाल और गिरदावरी जैसे कई जरूरी कार्य रुक गए हैं। काम करवाने आए लोगों को बिना काम के लौटना पड़ा। जिला प्रधान सर्वेश पटवारी ने धरने की अध्यक्षता की। उन्होंने बताया कि नए जमाबंदी और इंतकाल पोर्टल में लगातार तकनीकी दिक्कतें आ रही हैं। इससे पटवारियों को काम करने में परेशानी हो रही है और आम लोगों के काम अटक रहे हैं। पटवारियों का आरोप है कि सरकार उनकी मांगों पर गंभीरता नहीं दिखा रही है। ऑनलाइन व्यवस्था का उद्देश्य सुविधा देना था, लेकिन खामियों से लोग परेशान हैं। ऑटो म्यूटेशन में गलत इंतकाल दर्ज होने पर आईटी विभाग की कानूनी जिम्मेदारी तय होनी चाहिए।
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डिजिटल फसल सर्वेक्षण पर विरोध
राज्य कोषाध्यक्ष सन्नी पटवारी ने डिजिटल फसल सर्वेक्षण पर भी आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि ई-गिरदावरी के साथ यह सर्वेक्षण भी करवाया जा रहा है। कर्मचारियों को इसके लिए जरूरी टैब उपलब्ध नहीं कराए गए हैं। सर्वेक्षण में 20 मीटर की रेंज में फोटो लेने की शर्त को अव्यावहारिक बताया गया। एसोसिएशन ने उपकरण उपलब्ध कराने और सर्वेक्षण निजी एजेंसी से कराने की मांग की है।