जींद। जिला नागरिक अस्पताल में लगातार मरीजों के लिए सुविधाओं को बढ़ाया जा रहा है। अब अस्पताल प्रशासन मरीजों के लिए पीपीपी मोड पर एमआरआई शुरू करने की तैयारी कर रहा है। इसके लिए मुख्यालय से भी अस्पताल को गाइड लाइन मिल चुकी हैं। इसमें अस्पताल प्रशासन ने टीबी वार्ड और एमरजेंसी के पीछे की जगह का प्रपोजल बनाकर भेजा है। अब मुख्यालय की टीम के निरीक्षण के बाद ही फाइनल जगह का चयन होगा।
नागरिक अस्पताल में अब तक एमआरआई की सुविधा नहीं है। गंभीर रोगों का पता लगाने के लिए मरीजों को दूसरे शहरों में रेफर किया जाता था। इससे एक तो एमआरआई की जांच महंगी होती दूसरा मरीजों को दूर जाने में रुपये खर्च करने पड़ता। अब नागरिक अस्पताल में यह सुविधा शुरू होने के बाद मरीजों को काफी राहत मिलेगी। रोहतक का लगभग 70 किलोमीटर का सफर तय करके पीजीआई नहीं जाना पड़ेगा।
रोजाना 1500 से ज्यादा मरीज आते हैं
नागरिक अस्पताल की ओपीडी प्रतिदिन लगभग 1500 से ज्यादा मरीज पहुंचते हैं। जांच के लिए चिकित्सक कई बार मरीजों को एमआरआई कराने की सलाह देते हैं लेकिन अस्पताल में यह सुविधा उपलब्ध न होने के कारण मरीजों को हिसार या रोहतक जाना पड़ता है।
एमआरआई से अंगों की सटीक जांच
एमआरआई एक आधुनिक चिकित्सा तकनीक है जो शरीर के विभिन्न अंगों और ऊतकों की गहन जांच के लिए उपयोग की जाती है। इसके माध्यम से मस्तिष्क, रीढ़ की हड्डी, जोड़, पेट, पेल्विक क्षेत्र, स्तन, रक्त वाहिकाएं और हृदय की विस्तृत छवियां प्राप्त की जाती हैं।
निजी अस्पतालों में एमआरआई पड़ता है महंगा
नागरिक अस्पताल के चिकित्सकों की तरफ से जिन मरीजों को एमआरआई करवाने की सलाह दी जाती है। उन्हें निजी अस्पतालों में जाकर चार से आठ हजार रुपये तक का भुगतान करना पड़ता है जोकि हर मरीज के लिए संभव नहीं है। नागरिक अस्पताल में शुरू होने के बाद हर वर्ग के मरीज को अस्पताल के अंदर ही रियायती दरों में एमआरआई की सुविधा प्राप्त होगी।
वर्जन
अस्पताल में पीपीपी मोड पर एमआरआई शुरू करने का प्रस्ताव भेजा गया है। इसके लिए नागरिक अस्पताल के टीबी वार्ड व एमरजेंसी के पीछे की जगह का प्रपोजल बनाकर मुख्यालय भेजा है। अब मुख्यालय की टीम निरीक्षण करके निर्णय ले सकती है।
डॉ. सुमन कोहली, सिविल सर्जन नागरिक अस्पताल जींद।