दो साल से आरओबी के निर्माण और वैकल्पिक रास्ता नहीं मिलने से व्यवस्थाओं का दंश झेल रहे लोगों को अभी ओर इंतजार करना पड़ेगा। करीब दो महीने पहले जींद के एसडीएम राजेश कुमार ने निर्माणाधीन आरओबी का दौरा कर कंपनी को काम जल्द पूरा करने का आदेश दिया था तो कंपनी के अधिकारियों ने कहा था कि मार्च में काम पूरा कर लिया जाएगा, लेकिन अब यह डेडलाइन भी आगे बढ़नी तय है। अभी रेलवे लाइन के ऊपर से पुल तैयार नहीं हुआ है। करीब 100 मीटर का टुकड़ा तैयार करना बाकी रह गया है। ऐसे में अप्रैल की जगह अब मई में आरओबी का काम पूरा होने की उम्मीद है।
दो साल पहले मई महीने में ही निर्माण करने वाली गावड़ कंस्ट्रक्शन कंपनी ने प्रशासन से छह महीने के लिए पांडु पिंडारा में गोहाना रोड के मुख्य रास्ते को बंद करने की अनुमति मांगी थी। इस काम में देरी होती गई और अनुमति बढ़ती गई। इसको लेकर जिला निगरानी कमेटी की बैठक में भी जींद के भाजपा विधायक डॉ. कृष्ण मिड्ढा ने सवाल उठाए थे। इसके बाद जींद के एसडीएम राजेश कुमार ने दो महीने पहले इसका दौरा किया था।
20 गांवों के लोगों सहित दस हजार से अधिक वाहन चालकों को हो रही परेशानी
गोहाना रोड से प्रतिदिन 20 से अधिक गांवों के हजारों लोगों के अलावा दस हजार से अधिक वाहन चालक परेशानी का सामना कर रहे हैं। दरअसल इन गांवों से प्रतिदिन लोग काम-धंधे के लिए जींद शहर आते हैं। उनको अब सीधा रास्ता नहीं मिलने के कारण चक्कर काटना पड़ रहा है। हल्के वाहनों को पिंडारा गांव की गलियों से निकाला जाता है, लेकिन कुछ भारी वाहन भी उससे गुजरते हैं, जिससे दिनभर जाम की स्थिति बनी रहती है। वहीं सार्वजनिक परिवहन सेवा में लगी बसें सिंधवीखेड़ से रधाना, असफरगढ़, नए बाईपास होकर जींद पहुंचती हैं। इसके चलते यात्रियों पर अधिक किराये का बोझ पड़ रहा है।
रेलवे लाइन के ऊपर 76 मीटर बिना सहारे के बनेगा पुल
बेशक परियोजना में देरी होने से लोग परेशान हैं, लेकिन यहां इंद्रधनुष आकार का पुल बनाया जा रहा है। रेलवे लाइन के ऊपर पिलर से पिलर के बीच करीब 76 मीटर की दूरी है। लोहे के बनने वाला यह पुल जींद जिले में अब तक का सबसे लंबा पुल होगा।
अधिकतर काम पूरा
रेलवे लाइन के दोनों ओर भरी गई मिट्टी पर तारकोल की परत बिछाकर काम पूरा कर दिया गया है। रेलवे लाइन के ऊपर लोहे का पुल बनाया जा रहा है। भारी सामान लगने के कारण यह काम काफी कम गति से होता है। ऐसे में इसमें समय लग रहा है। ढांचा तैयार हो चुका है। इसके बाद रोड़ा और तारकोल की परत बिछाने का काम बचा हुआ है। कुल 1600 मीटर में से 100 मीटर का टुकड़ा ही बचा हुआ है। अगले महीने पुल तैयार हो जाएगा।
प्रदीप नेहरा, परियोजना अभियंता, गावड़ कंस्ट्रक्शन
मुख्य रास्ता बंद होने के कारण पिंडारा गांव की गलियों से गुजरते वाहन।- फोटो : Jind