हरियाणा के जींद के उचाना क्षेत्र के कहसून गांव के सरकारी स्कूल में ग्रामीणों की बैठक हुई, जिसमें कहसून से सरपंच प्रतिनिधि श्रीकांत, घोघड़िया से सरपंच प्रतिनिधि मंदीप बूरा, कालता से सरपंच प्रतिनिधि परमानंद, भौंसला सरपंच नसीब, मोहनगढ़ छापड़ा से सरपंच प्रतिनिधि अमीर सिंह, खटकड़ सरपंच सतबीर प्रमुख रूप से पहुंचे।
सरकार की ओर से विद्यार्थियों को दिए जा रहे टैब का विरोध जताया और कहा कि सरकार विद्यार्थियों को टैब उपलब्ध न करवाए, क्योंकि इसके दुष्परिणाम आ रहे हैं। बैठक में फैसला लिया कि अगर टैब वापस लेने का फैसला सरकार ने नहीं लिया तो दूसरे गांवों के सरपंचों को एकत्रित करके आंदोलन किया जाएगा।
वक्ताओं ने कहा कि टैब पर विद्यार्थी नेट चलाकर पढ़ाई करने के बजाय इंस्टग्राम पर वीडियो बनाकर अपलोड करते हैं। फेसबुक, गूगल का इस्तेमाल पढ़ाई के लिए नहीं करते हैं। ये टैब विद्यार्थियों को पढ़ाई से दूर लेकर जा रहे हैं।
पहले भी पंचायतों द्वारा टैब दिए जाने का विरोध लिखित रूप में सीएम मनोहर लाल, शिक्षा मंत्री के नाम पत्र लिखकर किया था। अब छह गांवों की पंचायतों एवं ग्रामीणों की ओर से मांग की गई है कि जो ये टैब विद्यार्थियों को दिए जाने की योजना सरकार द्वारा बनाई गई है, उसे बंद किया जाए।
इस मौके पर पूर्व सरपंच नरेश कसूहन, एसएमसी प्रधान सतीश, सतबीर प्रधान, सेवानिवृत्त थानेदार रौनक चंद, अशोक पंच, कुलदीप पंच, विजय पंच, बलवंत, सुभाष, अमन, छैलू वाल्मीकि, बलजीत पंच, सुखबीर भौंसला, रतन, पवन कालता, सिंगारा राम, सत्यवान, जयपाल मौजूद रहे।