कोरोना काल में नागरिक अस्पताल प्रशासन को ऑक्सीजन की सप्लाई देने वाली गंगा सेल्स एजेंसी ने अस्पताल प्रशासन पर उसके 100 ऑक्सीजन सिलिंडर नहीं लौटाने का आरोप लगाते हुए सीएम विंडो को शिकायत दी। इसके अलावा एजेंसी की 18 लाख रुपये की राशि भी नहीं देने के आरोप लगाए हैं। अस्पताल प्रशासन ने मामले की दो बार जांच की। इसमें सामने आया कि प्रशासन को एजेंसी की पेमेंट करनी है। इसके अलावा एजेंसी संचालक जो सिलिंडर गायब होने के आरोप लगा रहे हैं वह निराधार हैं। खुद एजेंसी संचालक ही अस्पताल के 92 सिलिंडर दबाए बैठा है। अब अस्पताल प्रशासन ने अपने सिलिंडर लेने के लिए एजेंसी पर दबाव बनाना शुरू किया है।
जींद की गंगा सेल्स एजेंसी ने पूरे जिले में सरकारी तथा निजी अस्पतालों में ऑक्सीजन सिलिंडरों की कोरोना काल की दूसरी लहर के समय सप्लाई की थी। प्रतिदिन नागरिक अस्पताल में सैकड़ों की संख्या में ऑक्सीजन सिलिंडर आते थे। इसके अलावा दूसरे सरकारी व निजी स्वास्थ्य संस्थानों में भी ऑक्सीजन की सप्लाई होती थी। अब एजेंसी संचालक सुभाष गर्ग ने अपने 100 सिलिंडर गायब होने तथा अस्पताल प्रशासन द्वारा 18 लाख रुपये की पेमेंट नहीं करने की शिकायत सीएम विंडो में दी। अस्पताल प्रशासन ने इसकी जांच करवाई। दो बार जांच में सामने आया कि एजेंसी संचालक की जो पेमेंट है वह जिला प्रशासन को करनी है। इसके अलावा अस्पताल प्रशासन के पास उसका कोई सिलिंडर नहीं है। स्टॉक में केवल छह सिलिंडर ही ज्यादा आए। इसके अलावा एजेंसी संचालक के पास अस्पताल के 92 सिलिंडर हैं। अब अस्पताल प्रशासन ने अपने खाली ऑक्सीजन सिलिंडर लेने के लिए एजेंसी संचालक को कहा गया है।
जांच में सामने आया कि अस्पताल में एजेंसी संचालक के छह सिलिंडर हैं। इसके अलावा कोई सिलिंडर नहीं है। खुद एजेंसी संचालक ने माना है कि उसके पास अस्पताल प्रशासन के पास 92 सिलिंडर हैं। नागरिक अस्पताल के अलावा अन्य संस्थानों में सिलिंडर होंगे तो उन्हें पता नहीं। जहां तक पेमेंट की बात है तो वो जिला प्रशासन को करनी है।
-डॉ. रमेश पांचाल, जांच अधिकारी एवं डिप्टी सिविल सर्जन।
जिला प्रशासन को एजेंसी के बिल भेज दिए हैं। अब जिला प्रशासन पेमेंट स्वास्थ्य विभाग को करेगा। स्वास्थ्य विभाग एजेंसी संचालक की पेमेंट कर देगा। सिलिंडर अस्पताल के पास होने के जो आरोप लगाए हैं वह जांच में निराधार साबित हुए हैं। खुद एजेंसी संचालक से ही अस्पताल प्रशासन को 92 सिलिंडर लेने हैं। इसके लिए उसको सिलिंडर भिजवाने को कहा गया है।
-डॉ. लोकवीर, पीएमओ।