प्रकृति के प्रति गहरा प्रेम और समर्पण का सुंदर उदाहरण हैं स्कीम नंबर पांच निवासी कविता, जिन्होंने अपने घर को 15 वर्षों में हरी-भरी बगिया में बदल दिया है।
सास से मिली प्रेरणा को आगे बढ़ाते हुए उन्होंने न केवल घर को फूलों और पौधों से सजाया बल्कि औषधीय पौधों को भी अपनी दिनचर्या का महत्वपूर्ण हिस्सा बना लिया है।
कविता के घर में 50 से अधिक पौधे लगे हैं। इनमें गुलाब, गेंदा, मोगरा, तुलसी, एलोवेरा पौधे शामिल हैं। ये पौधे न केवल घर की सुंदरता बढ़ाते हैं बल्कि परिवार के स्वास्थ्य का भी ध्यान रखते हैं।
कविता बताती हैं कि उन्हें पौधे लगाने का शौक अपनी सास से मिला। उन्होंने ही शुरुआत में पौधों की देखभाल करना सिखाया जो धीरे-धीरे एक जुनून में बदल गया। आज कविता खुद अपने अनुभव के आधार पर पौधों की देखरेख करती हैं और नए पौधे लगाने के लिए हमेशा उत्साहित रहती हैं।
वह रोज सुबह पौधों को पानी देती हैं, उनकी सफाई करती हैं। उनका मानना है कि पौधों की नियमित देखभाल ही उन्हें स्वस्थ और आकर्षक बनाए रखती है। कविता औषधीय पौधों का उपयोग घरेलू उपचार में भी करती हैं।
कविता की यह बगिया न केवल उनके घर को सुंदर बनाती है बल्कि आसपास के लोगों को भी पर्यावरण संरक्षण और पौधों के प्रति जागरूक होने की प्रेरणा देती है। कविता से प्रेरणा लेकर उनके आसपास व उनकी कई दोस्त महिलाओं ने भी घर में बगिया सजाई है।